- बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के छात्रावास में आपसी रंजिश के कारण आधी रात को गोलीबारी
- रुइया और विरला छात्रावास के छात्रों के बीच पुरानी दुश्मनी की वजह से विवाद बढ़ा
- विवाद के दौरान गोलीबारी से छात्रावास में अफरा-तफरी का माहौल बन गया
बीती रात वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब बिरला अ के गेट पर खड़े एक छात्र ने अपने ऊपर फायरिंग किए जाने का आरोप लगाते हुए हॉस्टल के बाकी छात्रों के साथ वहीं धरने पर बैठ गया. यही नहीं उसने चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफा की भी मांग की है. मौके से फायर किए हुए चार बुलेट के सेल यानी खोखे भी बरामद कर छात्रों ने पुलिस को सौंपे हैं. मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा की आशंका को देखते हुए हॉस्टल की बिजली कटवा कर जांच शुरू कर दी. मिली शिकायत के आधार पर हमलावर तीन छात्रों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है.
क्या है पूरा मामला?
वाराणसी के BHU के BA थर्ड ईयर के छात्र रौशन मिश्रा के अनुसार जब वे साढ़े 9 बजे रात अपने साथी छात्र के साथ हॉस्टल बिरला अ के गेट पर खड़ा था. तभी पीयूष तिवारी, ऋषभ और तपस नाम के लड़के मोटरसाइकिल से आए और उसके ऊपर चार राउंड फायर कर दिया. एक गोली उसके सिर के पास से तो दूसरी गोली छाती के पास से गुजरी. जब वे भागकर हॉस्टल की तरफ जाने लगा तो हमलावरों ने और दो गोलियां चलाई, लेकिन वह बच गया. उसने बताया कि इन तीनों के ओर से घटना करने के पीछे पुराना विवाद निष्कासित छात्र क्षितिज उपाध्याय और अभिषेक उपाध्याय के साथ का है, जिसके इशारे पर ऐसा किया गया है. फायरिंग की घटना के बाद हॉस्टल के सभी छात्र बाहर धरने पर चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ बैठ गए और उनके इस्तीफे की मांग करने लगे.
चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ भी शिकायत
छात्रों का आरोप है कि हमले की आशंका को लेकर पहले ही चीफ प्रॉक्टर और प्रॉक्टीरियल बोर्ड को सूचना दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.इसके अलावा पुलिस को भी बताया गया था. छात्र चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफा की मांग पर अड़े रहे. धरना प्रदर्शन के दौरान एहतियात के तौर पर पुलिस और बीएचयू प्रशासन ने हॉस्टल की बिजली काट दी थी और BHU सुरक्षाकर्मियों के अलावा पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया था.एडीसीपी वैभव बांगर ने बताया कि सूचना मिली की फायरिंग हुई है. छात्रों की तरफ से तहरीर दी गई है जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जा रही है. जांच मे पाया गया है कि फायरिंग के संदर्भ में जितने कारतूस इस्तेमाल किए गए थे, उसमें कुछ इस अस्पष्टता है. फिलहाल चीफ प्राक्टर जो हटाने की मांग को लेकर छात्रों का धरना काल रात से ही जारी है.














