अमरोहा में बांग्लादेशी महिला भारतीय पति के साथ गिरफ्तार, जानें कहां परवान चढ़ी प्रेम कहानी और कैसे हुई शादी

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में एक बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार की गई है. इस महिला ने अमरोहा निवासी एक व्यक्ति से सऊदी अरब में शादी की थी. उसके बाद से वह बिना किसी वैध वीजा के नेपाल के रास्ते भारत आ गई थी और अपने पति के साथ रह रही थी.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
अमरोहा/कानपुर/गोरखपुर:

उत्तर प्रदेश के जनपद अमरोहा में अवैध रूप से रह रही एक बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार की गई है. गिरफ्तार महिला ने अमरोहा के एक व्यक्ति से सऊदी अरब में करीब छह साल पहले निकाह किया था. यह महिला टूरिस्ट वीजा लेकर नेपाल आई थी, वहां से वह भारत में दाखिल हुई थी. इस मामले में पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया है. पुलिस ने उसके पति को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस ने घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस ने 'ऑपरेशन टार्च' के तहत कानपुर और गोरखपुर में झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहे लोगों के कागजात चेक किए. 

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के मुताबिक अमरोहा जनपद के थाना मंडी धनौरा पुलिस को किसी ने सूचना दी महल्ला कटरा मंडी धनौरा में राशिद अली के घर एक बांग्लादेशी महिला रह रही है. इस सूचना पर पुलिस ने मौके पर जाकर पूछताछ की. इसके बाद से मामले से पर्दा उठ गया.पुलिस के मुताबिक बांग्लादेशी महिला रीना बेगम बांग्लादेश की राजधानी ढाका के गाजीपुर की निवासी है. पुलिस ने रीना और उसके पति राशिद अली को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों के खिलाफ विदेशी अधिनियम 1946 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. 

मिली जानकारी के मुताबिक रीमा और राशिद की मुलाकात सऊदी अरब के एक अस्पताल में नौकरी करने के दौरान हुई थी. रशीद अली ने करीब छह साल पहले रीना से सऊदी अरब में निकाह कर लिया था. राशिद कई बार बांग्लादेश भी गया था.रीना टूरिस्ट वीजा लेकर नेपाल पहुंची थी. वहां से वव अपने पति के साथ बिना किसी वीजा के नेपाल के महेंद्र नगर के रास्ते भारत में दाखिल हुई थी.  

कानपुर के झुग्गी बस्तियों में लोगों की पड़ताल करती पुलिस.

कानपुर में पुलिस का ऑपरेशन टार्च

उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कानपुर पुलिस ने अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या की धर-पकड़ के लिए तलाशी अभियान चलाया. कानपुर कमिश्नरेट पुलिस की पनकी सर्किल के एसीपी ने दलबल के साथ झुग्गी बस्तियों में तलाशी अभियान चलाया. एसीपी ने वहां बनी कई दर्जन झुग्गियों में रहने वालों के दस्तावेजों की जांच की. पुलिस ने इन लोगों को हिदायत दी कि कल सभी परिवार अपने दस्तावेजों की एक एक कॉपी थाने में जमा कराएं. पुलिस की एक टीम इनके मूल पते जाकर भी तस्दीक उनके कागजात की सत्यता जानेगी. ये सभी परिवार यहां करीब 25 साल से रह रहकर कबाड़ का काम करते हैं. 

Advertisement

उधर सीएम योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर की पुलिस ने भी अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्या की तलाश शुरू कर दी है.
राजघाट थाने के प्रभारी सदानंद सिंह ने तलाशी अभियान चलाया गया. इस दौरान पुलिस ने करीब 25 परिवारों से पूछताछ की.पुलिस ने उनके कागजात की जांच-पड़ताल की और उनके डीटेल दर्ज किए. पुलिस ने कुछ लोगों के डाक्यूमेंट अपने पास भी रखे हैं. थाना प्रभारी सदानंद सिंह ने बताया कि संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है. उन्होंने बताया कि संदिग्ध बांग्लादेशी और रोहिंग्या को डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा.

ये भी पढ़ें: ChatGPT ने बेटे से कैसे कराया मां का मर्डर? पढ़ाया ऐसा पाठ- सुसाइड के पहले ले ली मां की जान

Advertisement
Featured Video Of The Day
राजा रघुवंशी का 'पुनर्जन्म'! 10 महीने बाद आई खुशखबरी, सच हो गई भविष्यवाणी
Topics mentioned in this article