- उत्तर प्रदेश आतंकवाद-विरोधी दस्ते ने बागपत निवासी तुषार चौहान को पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर गिरफ्तारी की
- तुषार चौहान के दादा स्वतंत्रता सेनानी थे और चाचा भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होकर गांव में रहते हैं
- तुषार पाकिस्तान के दो कुख्यात अपराधियों से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में था और कट्टरपंथ की ओर मोड़ा गया था
UP News: उत्तर प्रदेश आतंकवाद-विरोधी दस्ते (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बागपत के रहने वाले तुषार चौहान को गिरफ्तार किया है. तुषार पर आरोप है कि वह सीमा पार बैठे पाकिस्तानी हैंडलर्स और कुख्यात गैंगस्टर्स के इशारे पर भारत की आंतरिक सुरक्षा को सेंध लगाने की बड़ी साजिश रच रहा था.
देशभक्त परिवार और 'गद्दारी' का रास्ता
इस मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू तुषार की पारिवारिक पृष्ठभूमि है. तुषार के दादा, स्वर्गीय गोवर्धन सिंह, एक स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया. वहीं, उसके दो चाचा, हरेंद्र और रविंद्र, भारतीय सेना (Army) से रिटायर होकर आज भी गर्व के साथ गांव में रहते हैं. ऐसे परिवार का युवक, जिसकी रगों में देशभक्ति का संचार होना चाहिए था, वह पाकिस्तानी गैंगस्टर्स का मददगार कैसे बन गया, यह पूरे रमाला गांव के लिए पहेली बना हुआ है.
सोशल मीडिया पर बिछाया गया जाल
ATS की जांच में खुलासा हुआ है कि तुषार चौहान पाकिस्तान के दो कुख्यात अपराधियों, शहजाद भट्टी और आबिद जाट के सीधे संपर्क में था. ये दोनों पाकिस्तानी हैंडलर सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को निशाना बनाते हैं. तुषार को पैसों का लालच देकर उसे कट्टरपंथ की ओर मोड़ा गया. उसे देश के संवेदनशील ठिकानों की रेकी करने और सुरक्षा संबंधी जानकारी साझा करने का टास्क दिया गया था.
दिल्ली से मेरठ तक फैला नेटवर्क
इस मामले में केवल तुषार ही नहीं, बल्कि दिल्ली से समीर खान नाम के एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है. दोनों मिलकर इस नेटवर्क को चला रहे थे. तुषार पिछले 10 सालों से गांव में नहीं रह रहा था. उसके पिता मेरठ में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं. बताया जा रहा है कि तुषार पहले भी मेरठ में एक आपत्तिजनक फोटो वायरल करने के मामले में जेल जा चुका है.
परिजनों ने जताई अनभिज्ञता
तुषार के चाचा धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि पूरा परिवार इस खबर से सदमे में है. उन्होंने कहा, "हम पांच भाई हैं और हमारा पूरा इतिहास देश सेवा का रहा है. तुषार पिछले दिनों एक पारिवारिक कार्यक्रम में आया था, लेकिन हमें भनक तक नहीं थी कि वह हिजबुल्ला या किसी पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़ा है. वह केवल हाईस्कूल पास है और हमें लगा कि वह अपने काम में व्यस्त होगा."
एटीएस की अगली कार्रवाई
ATS ने तुषार और समीर के पास से डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि इस नेटवर्क के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य युवाओं को भी टारगेट किया जा रहा था. फिलहाल दोनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ जारी है ताकि इस साजिश की तह तक पहुंचा जा सके.
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