अयोध्या में जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. बीते दिनों उन्होंने योगी के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दिया था. उन्होंने बताया, "मैंने अपना इस्तीफ़ा वापस ले लिया है. मुझ पर कोई दबाव नहीं है. मैंने अपना इस्तीफा बिना किसी दबाव के वापस लिया है. आज मैं अपने दफ्तर में हूं और अपना काम कर रहा हूं. मेरा भाई (विश्वजीत सिंह) मुख्तार अंसारी के मऊ गैंग का सक्रिय सदस्य है और उसका वित्तीय सलाहकार भी रहा है. उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. उस व्यक्ति (विश्वजीत सिंह) ने अपने माता-पिता पर हमला किया, जिसके संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है. उसने जियो शाखा प्रबंधक को भी जान से मारने की धमकी दी. यह व्यक्ति रंगदारी वसूलता है. इसका काम लोगों पर दबाव डालकर पैसे लेना है; वह एक अपराधी है."
डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र मामले को लेकर कहते हैं, ...2021 में उसने (विश्वजीत सिंह) सीएमओ मऊ के पास एक आवेदन दिया कि प्रशांत कुमार सिंह द्वारा जारी (दिव्यांगता) प्रमाणपत्र फर्जी है. क्योंकि उस पर तारीख नहीं लिखी हुई है और डॉक्टरों के हस्ताक्षर भी नहीं हैं. सीएमओ मऊ ने विश्वजीत सिंह द्वारा बनाए गए फर्जी प्रमाणपत्र पर कोई संज्ञान नहीं लिया, बल्कि सीधे मेरे खिलाफ जांच बैठा दी.
जबकि वह प्रमाणपत्र तो मुझे उनके (सीएमओ मऊ) ही कार्यालय से जारी किया गया था. सीएमओ को पहले यह जांच करनी चाहिए थी कि प्रमाणपत्र असली है या नहीं. मैं अयोध्या के मुख्य चिकित्साधिकारी के सामने पेश हुआ, और अयोध्या के मुख्य चिकित्साधिकारी ने सीएमओ मऊ से पूछा कि यह प्रमाणपत्र असली है या नहीं. जवाब में सीएमओ ने लिखा कि प्रमाणपत्र असली है. मैं पूछना चाहता हूं, फिर मेरा प्रमाणपत्र बार-बार फर्जी क्यों बताया जा रहा है?"
बता दें कि उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य से जुड़े विवाद के बीच इस्तीफों का दौर शुरू हो गया था. 26 जनवरी को बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले आलंकार अग्निहोत्री ने उत्तर प्रदेश में 'ब्राह्मण विरोधी अभियान' चलने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि राज्य में ब्राह्मण समाज को निशाना बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा है. इसके बाद योगी के समर्थन में अयोध्या से जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में इस्तीफा दे दिया था. प्रशांत कुमार सिंह ने राज्यपाल को दो पन्नों का इस्तीफा भेजा था. अपने बयान में उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के समर्थन में इस्तीफा दे रहे हैं.














