- आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की
- ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उनके पास आठ से नौ घटनाओं की वीडियो सीडी मौजूद हैं
- उन्होंने आरोप लगाया कि अविमुक्तेश्वरानंद पर आठ मुकदमे दर्ज हैं
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा है कि ऐसे शंकराचार्य को पुलिस द्वारा तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके आगे शंकराचार्य लगाना भी बहुत बड़ा पाप है. ब्रह्मचारी ने दावा किया कि हमारे पास कई सबूत हैं. हमने सभी साक्ष्य इकट्ठा करके पुलिस को सौंप दिए गए हैं. आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उन्होंने उस व्यक्ति के खिलाफ सबूत इकट्ठा किए हैं जो खुद को शंकराचार्य बता रहा है.
'धरना देने वाले मुंह छिपाएंगे'
ब्रह्मचारी दावा किया कि यह भी सामने आएगा कि कौन-कौन लोग इसमें लिप्त थे और कौन-कौन राजनीतिक लोग उनकी मदद कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अभी वे किसी का नाम सार्वजनिक नहीं करेंगे, लेकिन जल्द ही कर देंगे. उन्होंने चुनौती दी कि जो लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, वे भी इस व्यक्ति को बचा नहीं पाएंगे, क्योंकि साक्ष्य देखने के बाद वे खुद मुंह छुपाएंगे.
'मेरे पास 8-9 घटनाओं की सीडी हैं'
जब उनसे पूछा गया कि आपके पास सीडी जैसी कोई चीज कहां से आ गई, तो ब्रह्मचारी ने जवाब दिया कि ये वीडियो रिकॉर्डिंग खुद उनके (अविमुक्तेश्वरानंद) चेलों ने बनाई हैं और उन्हें उपलब्ध कराई हैं. उन्होंने बताया कि उनके पास 8-9 घटनाओं की ऐसी सीडी हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें हिस्ट्री शीटर घोषित किया जाना चाहिए क्योंकि उसके ऊपर आठ मुकदमे हैं. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यूपी सरकार ने उसे हिस्ट्री शीटर क्यों नहीं बनाया.
अपने ऊपर लगे आरोपों पर क्या बोले?
आशुतोष ब्रह्मचारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि मुझ पर लगा एक भी मुकदमा सिद्ध नहीं हो पाया, जबकि विरोधी 27 मुकदमों का दावा करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ये मुकदमे अखिलेश यादव की सरकार में दर्ज किए गए थे. उन्होंने 2012 में अखिलेश यादव को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का भी जिक्र किया. उन्होंने उन आरोपों का खंडन किया कि वह 6 महीने जिला बदर थे या उन पर 25000 का इनाम घोषित था या गैंगरेप का मुकदमा था.
ब्रह्मचारी ने कहा कि वे किसी भी जांच एजेंसी से पीछे नहीं हटेंगे, चाहे वह सीबीआई ही क्यों न हो. उन्होंने खुली चुनौती दी कि अखिलेश यादव या राहुल गांधी जैसे शिष्य भी अविमुक्तेश्वरानंद को बचा नहीं पाएंगे.













