- AIMIM के यूपी अध्यक्ष शौकत अली ने जनसंख्या पर विवादित बयान देते हुए मुसलमानों से अधिक बच्चे पैदा करने को कहा.
- शौकत अली के परिवार में खुद 8 बच्चे हैं और उनके बड़े भाई के 16 बच्चे हैं, उनकी मां के 72 पोते-पोतियां हैं.
- उन्होंने कहा कि मुस्लिम आबादी बढ़ने को देश की मजबूती बढ़ेगी, आलोचकों पर उन्होंने असंतुष्ट होने का आरोप लगाया.
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (AIMIM) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने मुरादाबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए जनसंख्या बढ़ाने को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने मंच से नया नारा देते हुए कहा, "हम दो, हमारे दो दर्जन." शौकत अली ने कहा कि उनके खुद के 8 बच्चे हैं और उनके बड़े भाई के 16 बच्चे हैं. उन्होंने मुसलमानों से ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील की. उनका कहना था कि जब अल्लाह बच्चे दे रहा है तो उन्हें स्वीकार करना चाहिए और जब तक देता रहे, लेते रहना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग मुस्लिम आबादी बढ़ने से परेशान हैं, लेकिन आबादी बढ़ने से देश मजबूत होगा.
शौकत अली ने कहा- मेरी मां के 72 पोते-पोतियां
AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने मंच से कहा, "हम दो, हमारे दो दर्जन. हमारे 8 बच्चे हैं. हमारे बड़े भाई के 16 बच्चे हैं. हमारी मां 97 साल की हैं, और उनके कम से कम 72 पोते-पोतियां हैं. लोग हमारी संख्या को लेकर चिंतित क्यों हैं? जो लोग शादी नहीं करते, वही सलाह देते हैं कि हिंदू भाइयों को 4 बच्चे ही पैदा करने चाहिए. हम कहते हैं, हिंदू भाइयों, चार नहीं, चौदह बच्चे पैदा करो, ताकि देश मजबूत हो सके...
इसके अलावा, शौकत अली ने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर का नाम लेते हुए कहा कि वे मुरादाबाद में शराब बेचने का काम करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा वाले खुद शराब बेचते हैं और फिर एआईएमआईएम पर भाजपा की बी टीम होने का इल्जाम लगाते हैं.
मुस्लिम लड़कियों के सरेआम नकाब खींचे जाते हैंः शौकत अली
शौकत अली ने मंच से मॉब लिंचिंग और अन्य मुद्दों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि अब हिंदू संगठनों की महिलाएं भी मुसलमानों के साथ बदतमीजी करने लगी हैं. मुरादाबाद में कई सौ मदरसे बंद कर दिए गए हैं और मदरसों को आतंकवाद का अड्डा बताया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम लड़कियों के सरेआम नकाब खींचे जाते हैं, गोश्त के नाम पर मॉब लिंचिंग होती है, ट्रेन-बस में सफर भी सुरक्षित नहीं है, और दाढ़ी नोची जाती है.
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