भारत के बाद कहां होगा AI Summit? जानिए अधिकारी ने NDTV को क्या बताया

AI Impact Summit: अब सबके मन में सवाल उठ रहा है, कि अगला AI समिट कहां होगा. इसकी जानकारी AI समिट के दौरान NDTV से एक विशेष बातचीत में मिली. आइए जानते हैं AI Summit 2027 का आयोजन कहां होगा...

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
कहां होगा अगला AI Summit?
Social Media

AI Impact Summit: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में 'AI का महाकुंभ' यानी AI Impact Summit 2026 का आयोजन किया जा रहा है. इसका समापन कल यानी 21 फरवरी को होगा. इसमें देश-विदेश के तमाम राजनेता और टेक कंपनियों के CEO शामिल हुए. अब सबके मन में सवाल उठ रहा है, कि अगला AI समिट कहां होगा. इसकी जानकारी AI समिट के दौरान NDTV से एक विशेष बातचीत में मिली. आइए जानते हैं AI Summit 2027 का आयोजन कहां होगा...

यह भी पढ़ें: भारत के AI रत्न: Emergent से Sarvam-Glean का हर साल रेवेन्यू हुआ 3 गुना,  इन AI प्लेटफॉर्म क‍िसको होगा फायदा

स्विट्जरलैंड में होगा AI Summit 2027

स्विट्जरलैंड ने पुष्टि की है कि अगला बड़ा ग्लोबल AI समिट 2027 में जेनेवा में आयोजित किया जाएगा. यह घोषणा नई दिल्ली में हुए AI समिट के दौरान NDTV से एक विशेष बातचीत में की गई. नई दिल्ली में हुए समिट को 'बहुत ही महत्वपूर्ण' बताते हुए स्विट्जरलैंड के स्टेट सेक्रेटरी और फेडरल ऑफिस ऑफ कम्युनिकेशंस के डायरेक्टर जनरल बर्नार्ड मैसन ने कहा कि यह आयोजन वैश्विक AI चर्चा में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ है. उन्होंने कहा, 'यह ग्लोबल साउथ में होने वाला पहला AI समिट है, और यह अपने‑आप में बहुत मायने रखता है'. साथ ही उन्होंने कहां कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का फायदा सिर्फ तकनीकी रूप से मजबूत देशों को ही नहीं, बल्कि दुनिया के हर व्यक्ति और हर समाज को मिलना चाहिए.

भारत के अनुभव से सीख रहा स्विट्जरलैंड

आपको बता दें, कि भारत के AI समिट में लगभग 3 लाख लोगों ने हिस्सा लिया है. इस समारोह में AI की सुरक्षा, नियम‑कानून, सबको शामिल करने और विकासशील देशों की नेतृत्व भूमिका पर खास जोर दिया गया. मैसन ने कहा कि स्विट्जरलैंड भारत की 'AI for All' वाली सोच और दुनिया के अलग‑अलग क्षेत्रों की कम्युनिटीज को एक साथ जोड़ने के प्रयास के अनुभव से सीखना चाहता है.

स्विट्जरलैंड में AI के लिए मजबूत इकोसिस्टम

2027 का अगला AI समिट जेनेवा में होने की पुष्टि करते हुए मैसन ने कहा कि स्विट्जरलैंड खुद को ग्लोबल नॉर्थ और ग्लोबल साउथ के बीच एक पुल मानता है. उन्होंने बताया 'हमारे पास नियम‑कानून, यूनिवर्सिटीज, रिसर्च संस्थानों और स्टार्टअप्स का एक मजबूत इकोसिस्टम है. इसी वजह से हम वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण चर्चाओं की मेजबानी कर सकते हैं और इनोवेशन और सुरक्षा के बीच सही बैलेंस बनाए रख सकते हैं'. 

Featured Video Of The Day
Viral Video की सच्चाई: Punch The Monkey अपने Orangutan Toy को छोड़ने को तैयार क्यों नहीं? | Japan Zoo
Topics mentioned in this article