चांदी तो कमाल ही कर रही है. इसने 4 महीने से भी कम समय में लोगों के पैसे डबल कर दिए. सोमवार को MCX यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी का भाव 3 लाख के पार पहुंच गया. एक झटके में ही चांदी के दाम में करीब 13,500 रुपये का उछाल दर्ज किया गया है. MCX पर चांदी का ताजा भाव करीब 5% उछाल के बाद 3,01,315 रपुये/किलो पहुंच गया है. ये भाव सिल्वर की मार्च डिलीवरी के हैं. वहीं सोने में करीब 2% या 3,000 रुपये की तेजी देखी गई है. MCX गोल्ड फरवरी डिलीवरी का रेट 1,45,500 रुपये/10 ग्राम के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है.
क्यों आया चांदी की कीमतों में उछाल?
- वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग (Industrial Demand) में भारी बढ़ोतरी.
- भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में मांग बढ़ी.
- चांदी की सप्लाई में कमी और डॉलर-रूपये की अस्थिरता.
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की धमकी का भी असर.
- अमेरिका और यूरोप के बीच ट्रेड वॉर की बढ़ती आशंका भी एक बड़ी वजह है.
कैसे 4 महीने में डबल हो गए पैसे?
चांदी के भाव काफी कम समय में तेजी से बढ़ गए हैं. 4 महीने से भी कम समय में इसने निवेशकों के पैसे डबल कर दिए. MCX पर चांदी के वायदा भाव (Futures Price) ने पहली बार अक्टूबर 2025 की शुरुआत में 1,50,000 रुपये/ किलो का स्तर पार किया था. वहीं स्पॉट मार्केट (Spot Market) की बात करें तो दिल्ली के हाजिर बाजार में चांदी की कीमत 29 सितंबर, 2025 (सोमवार) को 1,50,000 रुपये/किलो के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंची थी. आज, 19 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया है. MCX पर मार्च वायदा का भाव 3,01,315 रुपये/किलो के रिकॉर्ड स्तर पहुंच गया. यानी इसने 3 महीने 20 दिन के भीतर निवेशकों के पैसे दोगुने कर दिए.
चांदी में निवेश: 5 जरूरी सवाल और जवाब
चांदी की कीमतों में आई भारी तेजी के बाद निवेशकों के मन में कई सवाल हैं. सबसे अहम सवाल यही है कि क्या अभी भी चांदी में निवेश करना चाहिए. NDTV ने इस संबंध में केडिया एडवायजरी के MD अजय केडिया को कुछ सवाल भेजे, जिसके जवाब आपके सामने रखे जा रहे हैं.
सवाल 1: अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का अगला बड़ा लक्ष्य क्या है?
जवाब: केडिया एडवायजरी के अनुसार, निकट भविष्य में चांदी के लिए 100 डॉलर का स्तर अगला तत्काल लक्ष्य दिखाई दे रहा है. यूरोपीय संघ पर अमेरिकी टैरिफ घोषणाओं और सप्लाई की चिंताओं ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का माहौल बना दिया है.
सवाल 2: घरेलू बाजार (MCX) पर चांदी कितनी ऊपर जा सकती है?
जवाब: अंतरराष्ट्रीय संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखेगा. घरेलू मोर्चे पर MCX सिल्वर के लिए ₹3,30,000 का एक नया ऊपरी स्तर (Upside Level) देखने को मिल सकता है.
सवाल 3: चांदी की कीमतों में इस भारी तेजी के पीछे मुख्य कारण क्या हैं?
जवाब: इस तेजी के पीछे कई कारण हैं, जैसा कि ऊपर भी बताया गया है. केडिया एडवायजरी ने भी कुछ ऐसे ही बड़े कारण बताए हैं. इंडिस्ट्रयल डिमांड बढ़ने के अलावा, डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों से सप्लाई में आई बाधा, अमेरिकी डॉलर में देखी जा रही हल्की कमजोरी, मेटल की सप्लाई में लगातार बनी हुई कमी और ETF के जरिए निवेशकों द्वारा की जा रही निरंतर खरीदारी कुछ प्रमुख वजहें हैं.
सवाल 4: सोना-चांदी अनुपात (Gold-Silver Ratio) क्या संकेत दे रहा है?
जवाब: यह रेश्यो पिछले साल के 107 के स्तर से करीब 53% गिर चुका है. रेश्यो में यह गिरावट दर्शाती है कि चांदी, सोने की तुलना में बेहतर प्रदर्शन (Outperform) कर रही है. हालांकि, यह 'ओवरसोल्ड' स्थिति में है, जिससे बीच-बीच में थोड़ी मुनाफावसूली देखी जा सकती है.
सवाल 5: क्या मौजूदा ऊंचे स्तरों पर चांदी खरीदना अभी भी सुरक्षित है?
जवाब: हालांकि ऊंचे स्तरों पर थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग (मुनाफावसूली) की संभावना बनी रहती है, लेकिन सप्लाई से जुड़े जोखिम और मजबूत फंडामेंटल्स इतने प्रभावशाली हैं कि निकट भविष्य में चांदी का रुख मजबूती के साथ ऊपर की ओर ही बना रहने की उम्मीद है.
चांदी में निवेश के लिए क्या हो स्ट्रैटजी?
- लक्ष्य पर नजर रखें (All Eyes on Target): अंतरराष्ट्रीय स्तर पर $100 का लक्ष्य और घरेलू बाजार (MCX) पर 3,30,000 रुपये के स्तर को ध्यान में रखकर अपनी निवेश योजना बना सकते हैं.
- गिरावट पर खरीदारी (Buy on Dips): चूंकि बाजार 'ओवरसोल्ड' स्थिति में है, इसलिए बीच-बीच में मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) से कीमतें थोड़ी नीचे आ सकती हैं. ऐसी गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में इस्तेमाल करें.
- फंडामेंटल्स को समझें (Understanding Fundamentals): केवल कीमतों को न देखें, बल्कि सप्लाई में कमी और ETF खरीदारी जैसे मजबूत कारकों पर भरोसा रखें, जो लंबे समय में कीमतों को सहारा देंगे.
- गोल्ड-सिल्वर रेश्यो का उपयोग (Gold-Silver Ratio): चांदी के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए अपने पोर्टफोलियो में सोने और चांदी के अनुपात को संतुलित करें.
- भू-राजनीतिक घटनाक्रम (Geo Political Developments): डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों और सप्लाई चेन से जुड़ी खबरों पर बारीकी से नजर रखें, क्योंकि ये सीधे तौर पर कीमतों को प्रभावित कर रही हैं.
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(Disclaimer: ये खबर आपकी जानकारी बढ़ाने के उद्देश्य से लिखी गई है. एक्सपर्ट की राय पर NDTV की सहमति हो, ये जरूरी नहीं. किसी भी परिस्थिति में इसे निवेश की सलाह नहीं समझा जाना चाहिए. सोने-चांदी में निवेश करने से पहले अपने निवेश सलाहकार से सुझाव लें.)














