- रेलवे ने कन्फर्म टिकट रद्द करने के नियमों में बदलाव किया है, जिससे रिफंड राशि और कटौती समय के अनुसार तय होगी
- टिकट रद्द करने पर 72 घंटे से पहले सबसे अधिक रिफंड मिलेगा, जिसमें न्यूनतम शुल्क कटेगा
- 72 से 24 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर किराए का लगभग पच्चीस प्रतिशत पैसा काटा जाएगा
रेलवे ने टिकट कैंसिल कराने के नियमों में बदलाव किया है. अब टिकट कैंसिल कराने पर जेब पर असर पड़ेगा. रेलवे ने सख्ती अपनाते हुए कन्फर्म टिकट के नियम में बदलाव किया है. अब आप कब टिकट रद्द करते हैं, उसी के हिसाब से पैसा कटेगा और रिफंड भी मिलेगा. नए नियमों के मुताबिक, रिफंड की अलग-अलग दरें और जुर्माने तय किए गए हैं. जैसे-जैसे ट्रेन डिपार्चर का समय करीब आएगा, ये नियम और भी सख्त होने लगेंगे. इसका असर यात्रियों की पॉकेट पर भी पढ़ेगा.रेलवे ये नए नियम 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच स्टेप्स में लागू करेगा.
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रेलवे ने सख्ती अपनाते हुए कन्फर्म टिकट के नियमों में बदलाव किया है. अब आप कब टिकट रद्द करते हैं, उसी के हिसाब से पैसा कटेगा और उसी हिसाब से रिफंड भी मिलेगा. रेलवे के नए नियमों के मुताबिक, अगर 72 घंटे से पहले टिकट कैंसिल करेंगे तो सबसे ज्यादा रिफंड मिलेगा, सिर्फ न्यूनतम चार्ज ही कटेगा. लेकिन अगर 72 से 24 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर किराए का करीब 25% तक पैसा कट जाएगा. इसके साथ ही तय न्यूनतम शुल्क भी लागू होगा.
24 से 8 घंटे के अंदर टिकट कैंसिल करने पर कटौती का पैसा बढ़कर 50% तक हो जाएगा. अगर 8 घंटे से कम समय बचा हो या ट्रेन छूट जाए तो रिफंड नहीं मिलेगा. TDR की प्रक्रिया अलग हो सकती है.
रिफंड कब नहीं मिलेगा?
टिकट अगर ट्रेन के रवाना होने से 24 घंटे से 8 घंटे पहले के बीच कैंसिल किया गया तो किराए का 50% पैसा काट लिया जाएगा. ट्रेन छूटने से 8 घंटे से कम समय पहले टिकट कैंसिल करया जाता है तो कोई रिफंड नहीं मिलेगा. पहले नियम था कि ट्रेन छूटने से 4 घंटे के भीतर टिकट कैंसिल किया तो कोई रिफंड नहीं मिलता था. अब 8 घंटे के भीतर टिकट कैंसिल करने पर भी रिफंड नहीं मिलेगा.













