नए साल की शुरुआत में करोड़ों लोगों की नजर PPF, सुकन्या योजना और दूसरी छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) के ब्याज पर थी. लोग जानना चाहते थे कि जनवरी से मार्च 2026 के बीच इन योजनाओं में पैसा रखने पर कितना रिटर्न मिलेगा. अब सरकार ने इस पर साफ फैसला ले लिया है. अच्छी बात यह है कि ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की गई है और सभी योजनाओं पर पहले जितना ही रिटर्न मिलता रहेगा.
स्मॉल सेविंग स्कीम्स में पहले जैसा ही ब्याज मिलता रहेगा ब्याज
सरकार ने बुधवार को साफ कर दिया कि जनवरी 1 से मार्च 31, 2026 तक स्मॉल सेविंग स्कीम्स के ब्याज में कोई बदलाव नहीं होगा. इसका मतलब यह है कि PPF, सुकन्या, NSC और पोस्ट ऑफिस की दूसरी योजनाओं में पैसा लगाने वालों को पहले जैसा ही ब्याज मिलता रहेगा.
PPF और पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट पर कितना ब्याज?
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund) यानी PPF में पैसा रखने वालों को आगे भी 7.1 प्रतिशत का ब्याज मिलता रहेगा. वहीं पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट पर 4 प्रतिशत ब्याज जारी रहेगा. ये योजनाएं कम जोखिम वाली मानी जाती हैं और आम परिवारों के बीच काफी लोकप्रिय हैं.
सुकन्या योजना में अब भी ज्यादा फायदा
बेटी के भविष्य के लिए बनाई गई सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Scheme)में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस योजना में निवेश करने वालों को आगे भी 8.2 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा. यह छोटी बचत योजनाओं में सबसे ज्यादा ब्याज देने वाली योजनाओं में से एक बनी हुई है.
NSC, KVP और दूसरी योजनाओं का हाल
नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (National Savings Certificate) यानी NSC पर ब्याज दर 7.7 प्रतिशत बनी रहेगी. किसान विकास पत्र (Kisan Vikas Patra) में निवेश करने पर 7.5 प्रतिशत ब्याज मिलेगा और पैसा 115 महीने में दोगुना होगा. मंथली इनकम स्कीम (Monthly income scheme) में भी 7.4 प्रतिशत रिटर्न मिलता रहेगा.
लगातार सातवीं तिमाही में कोई बदलाव नहीं
यह सातवीं बार है जब छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों (Interest Rates on Small Savings Schemes) में कोई बदलाव नहीं किया गया है. आखिरी बार ब्याज दरों में बदलाव वित्त वर्ष 2023-24 की आखिरी तिमाही में हुआ था. सरकार हर तीन महीने में इन दरों की समीक्षा करती है और फिर फैसला लेती है.
PPF, सुकन्या और पोस्ट ऑफिस की योजनाएं (Post Office Schemes) आम लोगों की बचत का बड़ा सहारा हैं. ब्याज दरें न बदलने से उन लोगों को राहत मिली है जो सुरक्षित निवेश चाहते हैं. नए साल की शुरुआत में यह खबर खास तौर पर नौकरीपेशा, बुजुर्ग और बच्चों के भविष्य के लिए निवेश करने वालों के लिए काम की है.













