अब हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदना होगा और भी आसान, नए साल में बदलने जा रहे ये नियम

New IRDA Regulations for Health Insurance in India: अब हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को कस्टमर इनफॉरमेशन शीट में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़ी सारी महत्वपूर्ण जानकारी आसान शब्दों में पॉलिसी होल्डर को देनी होगी.

विज्ञापन
Read Time: 11 mins
New insurance rules: अब आप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के बाद एक सीमित तय समय तक पॉलिसी को कैंसिल भी कर सकेंगे. (प्रतीकात्मक फोटो)
नई दिल्ली:

इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (IRDAI) ने देश की सभी इंश्योरेंस कंपनियों (Insurance Company) को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी (Health Insurance Policy) जारी करने को लेकर एक नया सर्कुलर जारी किया है. इस सर्कुलर में देश की सभी इंश्योरेंस कंपनियों को यह दिशा-निर्देश जारी किया गया है कि 1 जनवरी 2024 के बाद वह जो भी हेल्थ इंश्योरेंस की पॉलिसी जारी करेंगे उसके साथ उन्हें पॉलिसी होल्डर (Policyholder) को एक कस्टमर इनफॉरमेशन शीट भी मुहैया करानी होगी.

अब इंश्योरेंस कंपनियों को आसान शब्दों में देनी होगी पॉलिसी डिटेल
अगर साफ शब्दों में कहें तो अब हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को कस्टमर इनफॉरमेशन शीट में हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी (Health Policy) से जुड़ी सारी महत्वपूर्ण जानकारी आसान शब्दों में पॉलिसी होल्डर को देनी होगी. उन्हें यह बताना होगा की पॉलिसी का कवरेज क्या है और इस पॉलिसी से उन्हें क्या-क्या फायदा हो सकता है. इसके साथ हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को यह भी बताना होगा कि अगर पॉलिसी होल्डर हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम (Health insurance claims) करना चाहते हैं तो उसकी क्या प्रक्रिया है. अगर उन्हें कोई शिकायत है तो शिकायत के निवारण के लिए कंपनी ने क्या मापदंड तय किए हैं .

इसमें कस्टमर इनफॉरमेशन शीट में शिकायत निवारण अधिकारी का नाम और उसे आसानी से संपर्क करने से जुड़ी जानकारी भी साझा करनी होगी.

पॉलिसी खरीदने के बाद एक सीमित समय तक कर सकेंगे कैंसिल 
पहली बार इंश्योरेंस रेगुलेटर ने इंश्योरेंस कंपनियों को यह निर्देश दिया है कि कोई भी पॉलिसी होल्डर अगर हेल्थ इंश्योरेंस की पॉलिसी खरीदने के बाद उसे कैंसिल करना चाहता है तो यह विकल्प भी उनके पास होगा. अब हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी (Insurance Policy) खरीदने के बाद एक सीमित तय समय तक इंश्योरेंस पॉलिसी होल्डर पॉलिसी को कैंसिल भी कर सकेगा,अगर उसे लगता है यह पॉलिसी उसके लिए उपयुक्त नहीं है.लेकिन यह सुविधा एक सीमित तय समय तक के लिए ही उपलब्ध होगी और यह सीमा इंश्योरेंस कंपनियां तय करेंगे.

ऐसा करने से इंश्योरेंस क्लेम में नहीं आएगी दिक्कत
इसके साथ ही, हर पॉलिसी होल्डर को हेल्थ इंश्योरेंस की पॉलिसी खरीदने के दौरान इंश्योरेंस कंपनियों को पारदर्शी तरीके से अपने स्वास्थ्य से जुड़ी सारी जानकारी मुहैया करानी होगी जिससे कि आगे इंश्योरेंस क्लेम में दिक्कत न आए.

इंश्योरेंस रेगुलेटर के मुताबिक, इस नई पहल के पीछे सोच देश में इंश्योरेंस पॉलिसी को खरीदने और बेचने की जो मौजूदा प्रक्रिया है उसे और पारदर्शी और कारगर बनाने की है.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Top 50 Headlines: Uttarakhand Weather | Landslide | Himachal Pradesh Rain | Maharashtra Floods
Topics mentioned in this article