अगर आप सोचते हैं कि बुलेट ट्रेन ही हाई-स्पीड ट्रेन होती है, तो जरा रुकिए. भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने अब 130 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों को 'हाई-स्पीड ट्रेन' (High Speed Train) की कैटेगरी में रख दिया है. यानी 130 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की स्पीड से दौड़ने वाली हर ट्रेन ‘हाई-स्पीड ट्रेन' कहलाएगी. अब राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत जैसी ट्रेनें भी हाई-स्पीड (Railway High Speed Train) कैटेगरी में शामिल हो गई हैं.
यही नहीं, अब रेलवे 280 और 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली बुलेट ट्रेन (Bullet train) लाने की तैयारी में भी जुटा है. अब जब अगली बार आपकी ट्रेन 130 की रफ्तार पार करे, तो सोचिए, आने वाले समय में 280 और 320 की रफ्तार से बुलेट ट्रेन का सफर कैसा होगा?
280 और 320 किमी प्रति घंटे की बुलेट ट्रेन पर काम शुरू
भारतीय रेलवे 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट (Bullet Train Project) पर तेजी से काम कर रहा है.मुंबई-अहमदाबाद के बीच हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन के लिए तैयारियां जोरों पर हैं.इसके अलावा, रेलवे 280 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ने में सक्षम एक नई ट्रेन विकसित करने की योजना पर भी काम कर रहा है.
रेलवे ने हाई स्पीड ट्रेन की कैटेगरी में किया बदलाव
पहले, भारतीय रेलवे में 110 किमी प्रति घंटे की स्पीड से ज्यादा वाली ट्रेनों को हाई-स्पीड माना जाता था.लेकिन अब नए नियम के अनुसार, 130 किमी प्रति घंटे से ज्यादा स्पीड वाली ट्रेनें ही हाई-स्पीड की कैटेगरी में आएंगी. इससे राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत और कई अन्य सुपरफास्ट ट्रेनें इस नई कैटेगरी में शामिल हो गई हैं.
लोको पायलट और नई सुरक्षा व्यवस्था
हाई-स्पीड ट्रेनों के बढ़ते नेटवर्क के साथ रेलवे लोको पायलट की मेडिकल फिटनेस को लेकर भी नए नियम बना रहा है.1989 तक 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार को हाई-स्पीड माना जाता था, लेकिन समय के साथ यह मानक बढ़ता गया और अब 130 किमी प्रति घंटे की सीमा तय की गई है.
तेज और सुरक्षित सफर की ओर भारत
रेलवे का कहना है कि आने वाले समय में भारत में सुपरफास्ट और हाई-स्पीड ट्रेनों (Superfast Trains) का नेटवर्क और मजबूत होगा.इससे यात्रियों को न केवल तेज सफर मिलेगा, बल्कि अत्याधुनिक सुविधाएं और बेहतर सुरक्षा भी देखने को मिलेगी.
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