इस रूट पर चलेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, किराया सुन हो जाएंगे खुश, मिलेंगी इतनी सारी सुविधाएं

Hydrogen Train Fare: हाइड्रोजन ट्रेन में 8 पैसेंजर कोच होंगे जिनमें ऑटोमेटिक दरवाजे, एयर कंडीशनिंग, डिजिटल डिस्प्ले और मॉडर्न डिजाइन जैसी फैसिलिटी होगी.

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  • भारत की पहली हाइड्रोजन पावर्ड ट्रेन जनवरी 2026 में हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच ट्रायल रन करेगी
  • इस ट्रेन का किराया न्यूनतम 5 रुपये से लेकर अधिकतम 25 रुपये तक हो सकता है, जो किफायती होगा
  • ट्रेन में 8 आधुनिक कोच होंगे जिनमें ऑटोमेटिक दरवाजे, एयर कंडीशनिंग और डिजिटल डिस्प्ले जैसी सुविधाएं होंगी
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Hydrogen Train Fare: भारत अब सिर्फ इतिहास पढ़ने वाला नहीं, बल्कि भविष्य गढ़ने वाला देश बन चुका है. साल 2026 की शुरुआत भारतीय रेलवे के लिए क्रांतिकारी साबित होने जा रही है. दरअसल देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन (Hydrogen Train) अपनी पटरियों पर दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है, जो न केवल पर्यावरण का ध्यान रखेगी, बल्कि आम आदमी की जेब पर भी भारी नहीं पड़ेगी.

देश को मिलेगा बड़ा तोहफा

26 जनवरी 2026 को भारत दुनिया को अपनी ग्रीन एनर्जी की ताकत दिखाएगा. इस दिन देश की पहली हाइड्रोजन पावर्ड ट्रेन का ट्रायल रन शुरू होगा. यह ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच 90 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. 

किराया सुन रह जाएंगे हैरान

सबसे चौंकाने वाली और राहत भरी खबर इस ट्रेन के किराए को लेकर है. जहां आज के समय में स्पीड और फैसिलिटी के नाम पर भारी किराया वसूला जाता है, वहीं रिपोर्ट्स हैं कि इस हाई-टेक ट्रेन का किराया कम से कम 5 रुपये और ज्यादा से ज्यादा सिर्फ 25 रुपये हो सकता है. यह स्टूडेंट्स, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना ट्रेवल करने वाले लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा.

क्या है इस ट्रेन की खासियत?

खासियत की बात करें तो यह ट्रेन न धुआं छोड़ेगी और न ही शोर करेगी. यह इलेक्ट्रोकेमिकल तकनीक पर आधारित है, जिसमें 9 किलो पानी से हाइड्रोजन बनाकर ट्रेन को चलाया जाता है. इसकी डिजाइन स्पीड 150 किमी प्रति घंटा है. ऑपरेशन के समय यह 110 से 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, जिससे जींद से सोनीपत का सफर 2 घंटे से घटकर सिर्फ 1 घंटे से भी कम का रह जाएगा.

हाई-टेक कोच

इसमें 8 पैसेंजर कोच होंगे जिनमें ऑटोमेटिक दरवाजे, एयर कंडीशनिंग, डिजिटल डिस्प्ले और मॉडर्न डिजाइन जैसी फैसिलिटी होगी.

स्वदेशी तकनीक

इस प्रोजेक्ट को आरडीएसओ (RDSO) और स्पेनिश कंपनी ग्रीन एच ने मिलकर तैयार किया है. साथ ही इसके लिए जींद में देश का सबसे बड़ा हाइड्रोजन प्लांट भी लगाया गया है.

पॉल्यूशन को बाय-बाय

अभी तक डीजल ट्रेनें पॉल्यूशन फैलाती थीं और इलेक्ट्रिक ट्रेनें इलेक्ट्रिसिटी पर डिपेंड थीं, लेकिन ये हाइड्रोजन ट्रेन फ्यूचर का फ्यूल है. साथ ही मेक इन इंडिया और ग्रीन इंडिया के संगम का सबसे बड़ा उदाहरण है. 26 जनवरी 2026 का दिन भारतीय ट्रांसपोर्ट के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा, जब ट्रेन पानी से चलेगी और किराया आम आदमी के बस में होगा.

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