पिछले कुछ सालों में भारत के इनकम टैक्स सिस्टम में जो बदलाव हुए हैं, उन्होंने न सिर्फ टैक्स भरने का तरीका बदला है, बल्कि आम आदमी की जेब में ज्यादा पैसा भी बचाया है. 2019 से 2025 के बीच केंद्र सरकार ने जो फैसले लिए, उन्होंने पुराने जटिल सिस्टम को हटाकर एक ऐसा स्ट्रक्चर तैयार किया है जिसे समझना अब हर किसी के लिए आसान है.
पहले टैक्स बचाने के लिए लोग LIC, PF और होम लोन के पीछे भागते थे, लेकिन अब सिस्टम 'छूट' के बजाय 'कम टैक्स रेट' पर शिफ्ट हो गया है.
2019-2020: टैक्स सिस्टम में सुधार की शुरुआत
इस सफर की शुरुआत 2019 से हुई जब सरकार ने घर खरीदने वालों को होम लोन पर एक्स्ट्रा छूट दी. इसके तुरंत बाद 2020 में एक बड़ा कदम उठाया गया'नया इनकम टैक्स सिस्टम'. इसमें टैक्स रेट तो कम रखे गए, लेकिन निवेश पर मिलने वाली छूट हटा दी गई. हालांकि शुरू में लोगों को यह थोड़ा अजीब लगा, लेकिन सरकार का इरादा साफ था कि एक ऐसा सिस्टम बनाना जिसमें कागज कम और काम ज्यादा हो.
फेसलेस असेसमेंट: खत्म हुआ दफ्तरों का चक्कर
इसी दौरान सरकार ने एक और बड़ा काम किया'फेसलेस असेसमेंट'. अब आपको इनकम टैक्स ऑफिसर के सामने जाने या दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं रही. सब कुछ ऑनलाइन हो गया. कंप्यूटर के जरिए केस अलॉट होने लगे और सुनवाई भी डिजिटल होने लगी. इससे अधिकारियों और टैक्सपेयर के बीच सीधा संपर्क खत्म हुआ, जिससे भ्रष्टाचार कम हुआ और लोगों का सिस्टम पर भरोसा बढ़ा.
2023-2024: मिडिल क्लास की बल्ले-बल्ले
2023 के बजट ने नए टैक्स सिस्टम को 'डिफॉल्ट' बना दिया और 7 लाख रुपये तक की कमाई को पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया. इसके बाद 2024 में सरकार ने पुराने कानूनों को ही बदलने का काम शुरू कर दिया. इनकम टैक्स एक्ट 1961 को दोबारा लिखने का ऐलान किया गया ताकि पेचीदा भाषा को आसान बनाया जा सके. कैपिटल गेन्स टैक्स को भी सरल किया गया ताकि शेयर बाजार और जमीन बेचने वालों को उलझन न हो.
2025 का बजट: सबसे बड़ी राहत और नया कानून
2025 का साल टैक्सपेयर्स के लिए सबसे बड़ा 'वरदान' साबित हुआ. नई टैक्स व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की सालाना कमाई को टैक्स फ्री करने का प्रस्ताव आया, जिसने मिडिल क्लास को बड़ी ताकत दी. अब 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होने वाला है. सरकार का दावा है कि इसकी भाषा इतनी सरल होगी कि आम आदमी खुद अपना टैक्स समझ सकेगा और कानूनी पचड़े भी कम होंगे.
बजट 2026 से क्या है उम्मीद
आज ज्यादातर टैक्सपेयर नए सिस्टम को अपना चुके हैं क्योंकि इसमें बिना किसी निवेश के ही टैक्स बच रहा है. अब सबकी नजर 2026-27 के बजट पर है. जानकारों का मानना है कि सरकार फिलहाल इन सुधारों को स्थिर रखेगी.














