Smart LED System: जल्द ही दिल्ली की सड़कों पर रात में चलना और भी आसान हो जाएगा. इसके लिए सरकार नई एनर्जी बचाने वाली स्मार्ट LED लाइट्स लगाने जा रही है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में 473 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. इस योजना के तहत दिल्ली में लगी करीब 96,000 पुरानी पीली सोडियम स्ट्रीट लाइट्स को हटाकर उनकी जगह आधुनिक स्मार्ट LED लाइट्स लगाई जाएंगी. मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 473.24 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह काम चरणों में किया जाएगा और उन सड़कों पर किया जाएगा, जिनकी देखरेख PWD (लोक निर्माण विभाग) करता है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से दिल्ली की सड़कों पर रोशनी काफी बेहतर होगी और लोगों की सुरक्षा मजबूत होगी, खासकर महिलाओं के लिए. उन्होंने बताया कि अभी जो लाइट सिस्टम है, उसमें कई समस्याएं हैं. जैसे लाइट खराब होने पर देर से ठीक होना, कहीं ज्यादा तो कहीं कम रोशनी होना और बिजली की ज्यादा खपत होना. मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य सड़कों से अंधेरे वाले हिस्सों यानी डार्क स्पॉट को खत्म करना है और दिल्ली को आधुनिक, सुरक्षित और बिजली बचाने वाला लाइटिंग सिस्टम देना है.”
इस योजना की घोषणा सबसे पहले दिल्ली सरकार के 2026-27 के बजट में की गई थी. अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल दिल्ली की PWD सड़कों पर करीब 45,000 पुराने सोडियम (HPSV) स्ट्रीट लाइट्स और करीब 51,000 पुराने LED लाइट्स लगे हुए हैं. इसके अलावा 51,000 से ज्यादा पोल भी हैं. अब इस नए प्रोजेक्ट के तहत सभी पुरानी लाइट्स को हटाकर उनकी जगह स्मार्ट LED लाइट्स लगाई जाएंगी.
कैसे काम करेगी सेंसर्ड एलईडी लाइटें
हर सड़क पर लाइटें लगी होने के बावजूद भी, बहुत सारे ऐसे कोने होते हैं जो कि अंधेरे में होते हैं, वहां की लाइट खराब होती है, वो तब पता चलती है जब कोई उसकी शिकायत करता है. इसलिए दिल्ली सरकार अपनी इन सभी लाइटों को सेंसर्ड एलईडी लाइटों में बदल रही है. सेंसर्ड एलईडी एक कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जुड़ी होंगी. जहां कोई भी एक लाइट खराब होगी तो तुरंत उसका कंट्रोल रूम में सिग्नल मिलेगा. सिग्नल मिलने से पता चल जाएगा कि कौन सी लाइट खराब और उसके लिए शिकायत करने की आवश्यकता भी नहीं होगी. कंट्रोल सेंटर में सिग्नल मिलने के बाद ही उसे ठीक कर दिया जाएगा.














