भुगतान फर्जीवाड़े की जानकारी नए साल से ‘दक्ष’ प्रणाली पर होगी दर्ज

आरबीआई ने मार्च, 2020 में ‘केंद्रीय भुगतान धोखाधड़ी सूचना रजिस्ट्री' (सीपीएफआईआर) को सक्रिय किया था. इसके जरिये वाणिज्यिक बैंक एवं गैर-बैंक प्रीपेड भुगतान साधन (पीपीआई) की तरफ से भुगतान से जुड़े फर्जीवाड़े की जानकारी दी जा सकती है.

विज्ञापन
Read Time: 10 mins
प्रतीकात्मक फोटो
मुंबई:

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कहा कि फर्जीवाड़े की जानकारी देने वाले मॉड्यूल को 1 जनवरी से उसके निगरानी मंच ‘दक्ष' पर स्थानांतरित कर दिया जाया जाएगा. आरबीआई ने मार्च, 2020 में ‘केंद्रीय भुगतान धोखाधड़ी सूचना रजिस्ट्री' (सीपीएफआईआर) को सक्रिय किया था. इसके जरिये वाणिज्यिक बैंक एवं गैर-बैंक प्रीपेड भुगतान साधन (पीपीआई) की तरफ से भुगतान से जुड़े फर्जीवाड़े की जानकारी दी जा सकती है.

केंद्रीय बैंक ने कहा कि 1 जनवरी, 2023 से रिजर्व बैंक की उन्नत निरीक्षण एवं निगरानी प्रणाली ‘दक्ष' पर इसे स्थानांतरित किया जा रहा है.

दक्ष प्रणाली पर भुगतान संबंधी फर्जीवाड़े की थोक जानकारी दर्ज किए जाने के साथ ही ऑनलाइन स्क्रीन-आधारित रिपोर्टिंग और सलाह एवं सतर्कता भरे संदेश की सुविधा भी मिलेगी.

रिजर्व बैंक की तरफ से अधिकृत सभी भुगतान प्रणाली ऑपरेटरों (पीएसओ) एवं भुगतान प्रणाली भागीदारों के लिए अनिवार्य है कि वे भुगतान संबंधी फर्जीवाड़े की जानकारी उसे दें.

Advertisement

पहले यह जानकारी ‘इलेक्ट्रॉनिक डेटा सबमिशन पोर्टल' (ईडीएसपी) के जरिये दी जा सकती थी और अब उसे दक्ष प्रणाली पर ले जाया जा रहा है.

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Bengal Elections 2026: अब बंगाल में भी BJP! EXIT POLL ने सबको चौंकाया |Mamata Banerjee
Topics mentioned in this article