सुकन्या समृद्धि योजना से लेकर म्यूचुअल फंड SIP तक, यहां निवेश कर अपने बच्चों का भविष्य करें सुरक्षित

Best Child Investment Plans to Invest in 2025: भारत में, निवेश के लिए ऐसी कई योजनाएं हैं जो आपकी इस जरूरत को पूरा कर सकती हैं. इसके साथ ही ये स्कीम सिक्योरिटी और ग्रोथ अपॉर्चुनिटी भी ऑफर करती है. चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे ही  बेहतरीन निवेश विकल्पों के बारे में बताते हैं.

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Investment planning for children: जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है उसके खर्चे भी बढ़ते हैं, इसलिए किसी एक योजना में पूरा पैसा इन्वेस्ट करने की जगह अलग-अलग स्कीम में निवेश करें.
नई दिल्ली:

Best investment options: आर्थिक तौर पर अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना हर माता-पिता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है. बच्चों की शिक्षा से लेकर उनकी शादी तक के खर्च के लिए पेरेंट्स अच्छी खासी रकम जमा करने की कोशिश करते हैं. ऐसे में जरूरी है कि इन सभी खर्चों के लिए सिस्टमैटिक तरीके से पहले से तैयारी की जाए ताकि जरूरत के समय पैसा हाथ में रहे. जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है उसके खर्चे भी बढ़ते हैं, इसलिए किसी एक योजना में पूरा पैसा इन्वेस्ट करने की जगह अलग-अलग स्कीम में निवेश करें. अपनी इन्वेस्टमेंट को डायवर्सिफाई करना बहुत जरूरी है.

भारत में, निवेश के लिए ऐसी कई योजनाएं हैं जो आपकी इस जरूरत को पूरा कर सकती हैं. इसके साथ ही ये स्कीम सिक्योरिटी और ग्रोथ अपॉर्चुनिटी भी ऑफर करती है. चलिए आज हम आपको कुछ ऐसे ही  बेहतरीन निवेश विकल्पों के बारे में बताते हैं.

सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana - SSY)

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) एक सरकारी सेविंग स्कीम है जिसका मकसद बच्चियों के भविष्य को सुरक्षित करना है. इस सरकारी बचत योजना पर गारंटीड रिटर्न मिलता है. माता-पिता या कानूनी अभिभावक (Parents or legal guardians) दस साल से कम उम्र की बच्ची के लिए अकाउंट ओपन कर सकते हैं. अकाउंट खोलने की तारीख से 21 साल बाद या लड़की के 18 साल की होने के बाद उसकी शादी होने पर यह अकाउंट मैच्योर होता है. इस सरकारी योजना पर बच्चियों को  8.2% का सालाना ब्याज दिया जा रहा है. इस स्कीम में आप हर फाइनेंशियल ईयर में न्यूनतम 250 रुपये से लेकर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं. यह योजना इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनिफिट भी ऑफर करती है.

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पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund - PPF)

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत सरकार की एक लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट स्कीम है. वर्तमान में इस पर 7.1% की आकर्षक ब्याज दर ऑफर की जा रही है. ब्याज दर यानी इंटरेस्ट रेट को तिमाही आधार पर रिवाइज किया जाता है, और इस स्कीम पर मिलने वाला ब्याज टैक्स-फ्री होता है. PPF में किए गया निवेश सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन के लिए भी एलिजिबल है. इस स्कीम का लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है, जो इसे लॉन्ग टर्म गोल के लिए एक अच्छा विकल्प बनाता है, जैसे बच्चों की हायर एजूकेशन.

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राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (National Savings Certificate - NSC)

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट भारत सरकार की एक फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट स्कीम है. यह सर्टिफिकेट उन लोगों के लिए है निवेश का एक अच्छा विकल्प है, जो सिक्योरिटी के साथ-साथ टैक्स बेनिफिट की भी तलाश में हैं. इसका मैच्योरिटी पीरियड (maturity period) पांच साल का होता है. इस पर मिलने वाली ब्याज दर को समय-समय पर सरकार रिवाइज करती रहती है. इसे आप पोस्ट ऑफिस से खरीद सकते हैं. NSC में मिनिमम 1000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है और इसमें निवेश की कोई मैक्सिमम लिमिट नहीं है. इस सर्टिफिकेट पर मिलने वाले ब्याज को फिर से निवेश किया जाता है और NSC में निवेश की गई रकम इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन के लिए एलिजिबल है. इन सब बेनिफिट को देखते हुए NSC आपके बच्चे की एजुकेशन के लिए पैसा जमा करने का एक अच्छा साधन हो सकता है.

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यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (Unit-Linked Insurance Plans - ULIP)

यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) एक ऐसा इंश्योरेंस प्लान है जो इन्वेस्टमेंट और लाइफ इंश्योरेंस दोनों का बेनिफिट एक साथ देता है. इसमें प्रीमियम का एक हिस्सा लाइफ इंश्योरेंस कवरेज में और बाकी का हिस्सा इक्विटी या डेट इंस्ट्रूमेंट में निवेश किया जाता है. यूलिप में पांच साल का लॉक-इन पीरियड होती है और मार्केट के परफॉर्मेंस के आधार पर इन पर हाई रिटर्न मिलने की संभावना होती है. ULIP में निवेश की गई रकम पर  सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनिफिट भी मिलता है. हालांकि, इसमें निवेश करने से पहले इससे जुड़े दूसरे शुल्क और रिस्क को समझना जरूरी है.

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म्यूचुअल फंड एसआईपी (Mutual Fund SIP)

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान आपको म्यूचुअल फंड में नियमित तौर पर एक फिक्स्ड अमाउंट इन्वेस्ट करने की इजाजत देता है. यानी SIP निवेश का एक तरीका है, जिसमें आप नियमित तौर पर एक निश्चित रकम का निवेश करते हैं. निवेश का यह तरीका जहां फाइनेंशियल डिसिप्लिन को बढ़ावा देता है वहीं मार्केट के उतार-चढ़ाव से बचने में मदद करता है. लंबे समय में कंपाउंडिंग  की पावर समझने के लिए यह एक अच्छा निवेश विकल्प है.

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि इक्विटी म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि में हाई रिटर्न मिलने की काफी संभावना होती है, जो हायर एजुकेशन जैसे गोल के लिए फंड जुटाने का एक अच्छा विकल्प हो सकता है. हालांकि SIP में किए गए निवेश पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन का बेनिफिट नहीं मिलता है लेकिन लिंक्ड सेविंग स्कीम (Equity-Linked Savings Schemes - ELSS) जैसे कुछ म्यूचुअल फंड टैक्स बेनिफिट प्रोवाइड करते हैं. लॉन्ग टर्म में आपकी वैल्थ बढ़ाने के लिए SIP सबसे इफेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजी में से एक है, लेकिन इससे जुड़े रिस्क और वोलैटिलिटी को भी ध्यान में रखना जरूरी है.

फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposits - FDs)

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) निवेश करने का एक ट्रेडिशनल तरीका है जो एक निश्चित अवधि में एश्योर्ड रिटर्न प्रोवाइड करता है. हालांकि, अन्य निवेश विकल्पों की तुलना में इसकी ब्याज दरें कम हो सकती हैं, लेकिन निवेश का यह तरीका उन इन्वेस्टर्स के बीच काफी पॉपुलर है जो निवेश की गई रकम पर फिक्स्ड रिटर्न कमाना चाहते हैं और कोई रिस्क लेना नहीं चाहते. कुछ बैंक बच्चों के लिए स्पेशल FD ऑफर करते हैं, जिसका यूज एजुकेशन के खर्चों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है.

किसी भी योजना में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल गोल को ध्यान में रखना और हर निवेश विकल्प से जुड़े रिस्क, रिटर्न और लॉक-इन पीरियड को ध्यान में रखना जरूरी है. अलग-अलग स्कीम में निवेश करके आप अपने रिस्क को कम और रिटर्न को मैक्सिमम कर सकते हैं.

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