करीब तीन महीने पहले एक अनजान WhatsApp ग्रुप में भोपाल के आदिमूलम सुरेश को जोड़ दिया जाता है. उस ग्रुप में लगभग 72 लोग पहले से मौजूद थे. ग्रुप में सभी निवेश और मुनाफे की बातें कर रहे थे. ग्रुप में रोज़ाना पैसों और ट्रेडिंग से जुड़ी खूब बातचीत होती. एक दिन एडमिन ने दावा किया कि उनके द्वारा सुझाए गए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश करने पर 20 से 30 प्रतिशत तक पक्का मुनाफा मिलेगा. शुरुआत में भरोसा दिलाने के लिए ठगों ने सुरेश से छोटी राशि निवेश करवाई और तुरंत मुनाफा दिखाया.
एक बार मुनाफा कमाने के बाद लालच बढ़ा और ठगों ने भी 60 प्रतिशत तक मुनाफे का लालच दिया. ज्यादा कमाई के वादे से प्रभावित होकर सुरेश ने अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 13 लाख रुपये निवेश कर दिए.
कुछ समय बाद, जैसे ही बड़ी रकम ठगों के पास पहुंची, उन्होंने कॉल उठाना बंद कर दिया. इतना ही नहीं, सुरेश को WhatsApp ग्रुप से भी हटा दिया गया. तब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हो चुकी है. फिर पछतावे के अलावा कुछ नहीं था कि काश लालच में न फंसे होते तो लाखों रुपये बच जाते.
शिवालोक फेज-5 के रहने वाले 58 वर्षीय पीड़ित अकाउंटेंट आदिमूलम सुरेश ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अवधपुरी थाना क्षेत्र की पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन निवेश से जुड़े ऐसे मामलों में लोग ऊंचे मुनाफे के लालच में जल्दी फंस जाते हैं.
सावधानी क्यों जरूरी है?
आजकल फर्जी WhatsApp निवेश ग्रुप बनाकर लोगों को ठगना आम हो गया है. ठग पहले छोटे मुनाफे का झांसा देकर विश्वास जीतते हैं और फिर बड़ी रकम हड़प लेते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक, ग्रुप या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर बिना जांच के पैसा निवेश नहीं करना चाहिए.
कुल मिलाकर, यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि ऑनलाइन निवेश करते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है. ऊंचे और पक्के मुनाफे का वादा अक्सर ठगी का संकेत हो सकता है.














