- गोरखपुर में 393 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण मई 2026 में शुरू होगा
- स्टेडियम लगभग 46 से 48 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा और दिसंबर 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य है
- स्टेडियम की बैठने की क्षमता तीस हजार दर्शकों के लिए होगी और इसमें सात मुख्य पिचें होंगी
Gorakhpur International Cricket Stadium: उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल के खेल प्रेमियों के लिए 16 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुरवासियों को एक भव्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की सौगात देंगे. गोरखपुर में बेलीपार स्थित वाराणसी हाईवे पर बनने वाला यह स्टेडियम करीब ₹393 करोड़ की लागत से तैयार होगा, जो क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के शिलान्यास समारोह में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे.
गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम दिसंबर 2027 तक तैयार होगा
उत्तर प्रदेश में कानपुर, लखनऊ और वाराणसी के बाद गोरखपुर ऐसा चौथा शहर होगा, जिसके पास अपना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम होगा. प्रशासन ने इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. यह स्टेडियम लगभग 46 से 48 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है.
गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की प्रमुख विशेषताएं
- बैठने की क्षमता: इस स्टेडियम में एक साथ 30,000 दर्शक बैठकर मैच का आनंद ले सकेंगे.
- पिच और प्रैक्टिस: मुख्य मैदान पर 7 पिचें होंगी, जबकि खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए 4 अलग से प्रैक्टिस पिच बनाई जाएंगी.
- अत्याधुनिक सुविधाएं: अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप इसमें फ्लडलाइट्स लगाई जाएंगी ताकि डे-नाइट मैच आयोजित किए जा सकें. साथ ही इसमें वर्ल्ड-क्लास ड्रेसिंग रूम भी होंगे.
- पवेलियन और स्टैंड: स्टेडियम 'ग्राउंड प्लस टू' (G+2) मॉडल पर आधारित है. पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में करीब 29,000 दर्शकों के बैठने की जगह होगी, जबकि नॉर्थ पवेलियन मीडिया के लिए और साउथ पवेलियन वीआईपी मेहमानों के लिए आरक्षित रहेगा.
कनेक्टिविटी और विकास की नई उड़ान
वाराणसी फोर-लेन हाईवे पर ताल नदौर (बेलीपार) में स्थित गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम शहर के मुख्य केंद्रों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है. यह गोरखपुर एयरपोर्ट से 24 किमी और रेलवे स्टेशन से मात्र 20 किमी की दूरी पर है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्टेडियम के निर्माण से पूर्वांचल में खेल पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा. बड़े मैचों के आयोजन से स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन और खान-पान के क्षेत्र में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे.













