एशियाड में 21 गोल्ड समेत कुल 85 मेडल और मेडल टैली में चौथे नंबर से भारतीय खेल मंत्रालय बहुत ज़्यादा खुश नहीं है. आइची-नागोया एशियाड में भारत के 495 खिलाड़ियों ने 36 खेलों में हिस्सा लिया. इनमें से 20 खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीते जबकि 36 खाली हाथ आए. एशियाड 2026 में से 9 खेल तो ऐसे थे जिनके 139 खिलाड़ियों ने सिर्फ़ 3 कांस्य पदक जीते. इन्हें पदक का बड़ा दावेदार माना जा रहा था. लेकिन कई वजहों से इनके प्रदर्शन से फ़ैन्स को मायूस होना पड़ा.
खेल संघों पर मंत्रालय का कड़ा रुख
खेल मंत्रालय और NSF (नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन) के बीच होने वाली फीडबैक मीटिंग अब 15 अक्टूबर तक टल गई है. उसी दिन प्रधानमंत्री की कामयाब एथलीटों से मुलाकात भी होनी है. लेकिन कम से कम 9 खेल संघ ऐसे हैं जिनके लिए जवाब तैयार करना मुश्किल काम होगा. माना जा रहा है कि वो डरे हुए भी हैं.
खर्चा रुपैया, नतीजा फुस्स
कहा जा रहा है कि आइची-नागोया गेम्स में 20 सदस्यों वाली भारतीय बैडमिंटन टीम को नागोया टोक्यू होटल में ठहराया गया, जो एक फाइव-स्टार होटल है. इस होटल में एक कमरे का किराया 13,729 रुपये था. बैडमिंटन टीम का होटल उन फेडरेशनों से बिल्कुल अलग था जिन्हें गेम्स विलेज या पोर्ट मेस के पास खड़े क्रूज शिप कोस्टा सेरेना में ठहरने का मौक़ा मिल पाया था. ओलिंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप पदक विजेता वेटलिफ़्टर मीराबाई चानू और उनके कोच विजय शर्मा और कई अन्य खिलाड़ी और कोच क्रूज शिप कोस्टा सेरेना में ही रुके और पदक भी जीते.
भारतीय बैडमिंटन दल को क्रिकेट, हॉकी और शूटिंग टीम की तरह ही स्टार्स जैसी सुविधाएं मिली. खेल मंत्री भी उसी आलीशान होटल में ठहरे थे जिनकी गिनती किसी भी लिहाज़ से एक भव्य इंतज़ामों में की जा सकती है.
एशियन गेम्स शुरू होने से एक दिन पहले शेफ-डी-मिशन सहदेव यादव ने कहा था, "मंत्रालय ने हमसे कहा है कि एथलीटों को हर सुविधा देने के लिए जितना खर्च करना पड़े, करो." बैडमिंटन टीम को वाकई अगले लेवल की सुविधा दी गई. फिर भी बैडमिंटन के 20 खिलाड़ी राउंड ऑफ़ 16 में बांग्लादेश को 3-0 से हराने के बाद मेन्स टीम के एक कांस्य पदक के साथ वापस आ गए.
महिला डबल्स की वो जोड़ी जिसने इसी महीने की शुरुआत में वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीता था, वो भी फ्लॉप रही. बाकी भी कुछ खास नहीं कर पाए. यानी 20 मेंबर्स की बैडमिंटन टीम के पास मौजूदा एशियाड में दिखाने को सिर्फ़ एक कांस्य पदक है. 2022 के हांगझोऊ एशियाड में 19 सदस्यों वाली बैडमिंटन टीम ने 1 गोल्ड, 1 सिल्वर और 1 कांस्य पदक अपने नाम किये. यानी, 19 खिलाड़ी ने जीते 1 गोल्ड समेत 3 मेडल.
हार के दूसरे पहलू भी हैं
बैडमिंटन टीम के साथ मुश्किलें भी ज़रूर थीं. इचिनोमिया में वेन्यू तक जाने में ट्रांसपोर्ट की कुछ दिक्कतें तो थी ही. पीवी सिंधु ने 24 घंटे में 3 मैच खेले. ये किसी भी खिलाड़ी के लिए ज़्यादती है. जापानी एशियाड में शेड्यूलिंग की समस्या भी आम रही। वैसे, इन दिक्कतों का सामना सिर्फ भारतीय दल के साथ एशिया की दूसरी टीमों को भी करना पड़ा.
कड़े सवाल पूछने का वक्त
मंत्रालय के एक सूत्र ने NDTV को बताया, "इस महीने जब NSFs के साथ मीटिंग होगी तो कम से कम 9 फेडरेशनों की क्लास लगेगी. खेल मंत्री ने साफ कहा था कि हम टूरिस्ट नहीं भेजना चाहते जो वापस आकर सरकारी नौकरी ले लें. हमारा मकसद मेडल जीतने वालों को भेजना था. जब कुछ खेल जिन्हें भारत सरकार से सबसे ज्यादा फंड मिलता है और जिन्हें ओलंपिक साइकिल के अहम खेल माना जाता है, वो रिटर्न नहीं देते, तो कड़े सवाल पूछने का वक्त आ गया है."
495 भारतीय एथलीटों ने 36 खेलों में हिस्सा लिया. 85 निजी और टीम मेडल आए, 21 गोल्ड ने भारत को चौथे स्थान पर बनाए रखने में मदद की.
एशियाड में फेल
एशियाड में एक तरह से फेल हुई टीम की लिस्ट ऐसी है कि 9 खेलों के 139 एथलीटों ने सिर्फ 3 मेडल जीते हैं:
| खेल | खिलाड़ियों की संख्या | मेडल |
|---|---|---|
| रोइंग | 22 | 1 (कांस्य) |
| फेंसिंग | 20 | 0 |
| बैडमिंटन | 20 | 1 (कांस्य) |
| कैनोइंग | 19 | 0 |
| ई-स्पोर्ट्स | 15 | 0 |
| साइक्लिंग | 14 | 0 |
| स्विमिंग | 12 | 0 |
| टेबल टेनिस | 10 | 1 (कांस्य) |
| टेनिस | 7 | 0 |
हार और जीत की कहानियां
हर जीते हुए मेडल की एक कहानी होती है तो हर हारे हुए मेडल की भी एक कहानी रही. परफॉर्मेंस रिव्यू में अब इन कहानियों का भी रिव्यू होगा, और माना जा रहा है कि उसी के हिसाब से आगे खेलों की फंडिंग भी तय होगी.
बैडमिंटन खिलाड़ी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रैंकिंग टूर्नामेंट खेल रहे हैं. NDTV को मिली जानकारी के मुताबिक कि फ़ेडरेशन को बता दिया गया है कि उनकी फ़ंडिंग साइकिल एशियन गेम्स तक ही थी. इसका एक मतलब ये भी समझा जा सकता है कि जो खेल LA 2028 साइकिल के लिए फंड चाहते हैं, उन्हें बेहतर इरादा और बेहतर प्लान दिखाना होगा.
LA 2028 पर फोकस
भारत ने पेरिस 2024 गेम्स में 6 मेडल जीते थे - 1 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज. 6 खेलों में खिलाड़ी चौथे नंबर पर रहे थे. जैसे-जैसे LA 2028 नज़दीक आ रहा है, सरकार अपना का इरादा साफ़ करती दिख रही है, ‘उन खेलों पर फोकस करो जो बड़ा रिटर्न देंगे, न कि उन पर जो बड़े वादे तो करते हैं, बड़ा दल ले जाते हैं, लेकिन आखिर में खाली हाथ लौट आते हैं.'