ट्रक ड्राइवर से बना संन्यासी, साध्वी प्रेम बाईसा के पिता की कहानी क्या है?

पश्चिमी राजस्थान की प्रसिद्ध युवा आध्यात्मिक वक्ता साध्वी प्रेम बाईसा को उनके पैतृक गांव पारेऊ में नाथ संप्रदाय की परंपराओं के साथ अंतिम विदाई दी गई. लेकिन उनकी संदिग्ध मौत का राज गहरा रहा है.

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  • साध्वी प्रेम बाईसा की मौत पर उनके पैतृक गांव में नाथ संप्रदाय की परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया
  • साध्वी बाईसा की मौत की खबर पर जोधपुर आश्रम के बाहर 200 से अधिक लोग शोक मनाने और न्याय की मांग के लिए जुटे
  • साध्वी प्रेम बाईसा का पिता वीरम नाथ ने कहा कि बेटी ने अंतिम इच्छा में न्याय की मांग थी, संतों को पत्र लिखा था
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पश्चिमी राजस्थान की प्रसिद्ध युवा आध्यात्मिक वक्ता साध्वी प्रेम बाईसा को उनके पैतृक गांव पारेऊ में नाथ संप्रदाय की परंपराओं के साथ अंतिम विदाई दी गई. लेकिन उनकी संदिग्ध मौत का राज गहरा रहा है. पारेऊ से लेकर जोधपुर तक, उनके अनुयायियों में शोक और आक्रोश का माहौल है. साध्वी प्रेम बाईसा की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी मौत की खबर मिलते ही 200 से अधिक लोग तुरंत जोधपुर आश्रम के बाहर जमा हो गए थे. उनके इंस्टाग्राम पर "अग्नि परीक्षा" वाले भावुक पोस्ट ने समर्थकों को हिलाकर रख दिया था. अंतिम संस्कार के समय भी हजारों की भीड़ उनके प्रति श्रद्धा और न्याय की मांग को लेकर एकजुट नजर आई.  

ट्रक ड्राइवर पिता की बेटी थीं साध्वी प्रेम बाईसा

महज 4 साल की उम्र में उन्होंने अपनी मां, अमरू देवी को खो दिया था. मां के निधन के बाद उन्हें जोधपुर के गुरुकृपा आश्रम भेजा गया. जोधपुर के गुरुकुल में कृपा राम महाराज के सान्निध्य में उन्होंने शास्त्रों का अध्ययन किया. 12 साल की छोटी उम्र से ही उन्होंने भागवत कथा और भजन गायन शुरू कर दिया था. उनके पिता वीरम राम जाट पहले ट्रक ड्राइवर थे. पत्नी की मौत के बाद संन्यास ले लिया और वीरम नाथ के रूप में अपनी बेटी को नाथ परंपरा में दीक्षित किया. 

"पापा गुरुजी, मुझे न्याय चाहिए"-  वीरमनाथ ने क्या बताया

अंतिम संस्कार के बाद साध्वी के पिता वीरम नाथ ने एनडीटीवी से बात करते हुए कई महत्वपूर्ण खुलासे किए. पिता ने स्वीकार किया कि साध्वी की "अंतिम इच्छा" के अनुसार उन्होंने ही वह पोस्ट साझा किया था. वीरम नाथ के अनुसार, साध्वी ने उनसे कहा था, "पापा गुरुजी, मुझे न्याय चाहिए." उन्होंने यह भी दावा किया कि साध्वी ने संतों के नाम एक पत्र भी लिखा था. पिता ने आशंका जताई है कि आश्रम में बुलाए गए कंपाउंडर ने संभवतः कोई गलत या एक्सपायर्ड इंजेक्शन दिया, जिससे साध्वी की तबीयत बिगड़ी और मौत हुई. 

जांच में चौंकाने वाले तथ्य: सीसीटीवी (CCTV) गायब

जैसे-जैसे जोधपुर पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, मामला और भी संदिग्ध होता जा रहा है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, जोधपुर आश्रम से सीसीटीवी कैमरे हटाए गए हैं. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ये कैमरे कब और किसके आदेश पर हटाए गए. जिस व्यक्ति ने साध्वी को इंजेक्शन दिया था, पुलिस उससे प्रारंभिक पूछताछ कर चुकी है और उसे छोड़ दिया गया है. मौत की असली वजह मेडिकल रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.
 

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