जयपुर: वसुंधरा राजे के नाम से वायरल हुए फर्जी लेटर को लेकर राजस्थान की सियासत में उबाल मचा हुआ है. वसुंधरा राजे ने चिट्ठी लिखी भी नहीं, साथ ही उन्होंने फर्जी चिट्ठी को लेकर कार्रवाई की भी मांग की है, लेकिन राजनीति में शायद पहली बार है कि किसी न लिखे हुए पत्र पर इतना बवाल मच रहा है. भाजपा आक्रामक है, पुलिस ने फर्जी लेटर के कथित किरदारों को मध्य प्रदेश में पकड़ा है. पकड़े गए लोग कांग्रेस के आईटी सेल के कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं. गिरफ्तार लोगों ने ही सोशल मीडिया पर वसुंधरा राजे के नाम से फर्जी लेटर को वायरल किया था, लेकिन चिट्ठी लिखी किसने? इसका जवाब पुलिस के पास भी नहीं है. वसुंधरा के नाम की फर्जी चिट्ठी पर पुलिस की जांच भी जारी है और राजनीति भी...
लड़ाई कोर्ट में लड़ेंगे- कांग्रेस
फर्जी लेटर मामले में पुलिस एक्शन पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. सवाल है कि कांग्रेस के आईटी सेल के कुछ नौजवानों की क्या गलती है? उन लोगों ने सिर्फ सोशल मीडिया पर शेयर किया था. जो दूसरे अन्य लोग भी कर रहे थे. मध्य प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी और राजस्थान में बायतु से विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस हिरासत में रखना लोक तंत्र के खिलाफ है, लड़ाई कोर्ट में लड़ेंगे और भाजपा में जो आंतरिक सियासत चल रही है. उसका जल्द खुलासा होगा.
'सांच को आंच की जरुरत नहीं'
वायरल चिट्ठी पर वसुंधरा राजे ने अपने बयान में कहा, "सांच को आंच की जरुरत नहीं है, वायरल पत्र शुभचिंतकों की कारगुजारी की मात्र है." अब सवाल है कि वसुंधरा राजे कौन से शुभचिंतकों की तरफ इशारा कर रही है? अपने बयान में उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर रहे हैं, वे चौथी बार भी विपक्ष में बैठेंगे.
फर्ची लेटर पर वसुंधरा का इशारा किधर?
मदन राठौर ने भी कहा कि जिसने भी वसुंधरा जी की छवि ख़राब करने का षड़यंत्र रचा है, उन्हें ढूंढ़कर बेनकाब किया जायेगा. हम भाजपा परिवार हैं और षड़यंत्र की घोर निंदा करते हैं. राजनीतिक बयानबाजी, पुलिस कार्रवाई और सियासी वार के बीच बड़ा सवाल यह है कि जब चिठ्ठी ही फेक है तो इतनी प्रतिक्रिया क्यों? वसुंधरा राजे के बयान से सवाल उठते हैं कि वह कौन से शुभ चिंतकों के तरफ इशारा कर रही हैं? राधामोहन दास अग्रवाल को एक फर्जी चिट्ठी को लेकर ऐसा क्यों कहना पड़ गया, "पार्टी वसुंधरा राजे के साथ है".
वायरल चिट्ठी पर भाजपा का क्या संदेश?
मदन राठौर का बयान कि 'भाजपा परिवार', यानी पूरी पार्टी इस षड़यंत्र की निंदा करती है. इससे क्या सन्देश देना चाह रहे हैं. शायद यह कि राजस्थान में भाजपा एकजुट है और राजे के साथ है. लेकिन इतनी मेहनत करने की ज़रुरत क्यों पड़ गयी. शायद इसलिए, क्योंकि राजस्थान में भाजपा अब भी वसुंधरा राजे के साये से बाहर नहीं आ पाई है. नया नेतृत्व है और नई पीढ़ी को कमान दी गई है, लेकिन राजस्थान में आज भी राजनीतिक मंच पर वसुंधरा राजे के लिए तालियां बजती हैं.
वसुंधरा के नजदीकी कहते हैं कि राजे नए नेतृत्व के काम में दखलंदाजी नहीं करना चाहती हैं. अपने राजनीतिक क्षेत्र तक सीमित हैं. लेकिन राजस्थान में उनका अब भी बोल बाला है, इसलिए उनको लेकर हर खबर, सही या गलत बहुत तेज़ी से वायरल हो जाती है और शायद उनके इस प्रभाव को देखते हुए भाजपा का आला नेतृत्व भी सतर्क है. कहीं गलत मैसेज न जाए, इसलिए वायरल और फर्जी लेटर को लेकर इतनी प्रतिक्रिया आ रही है.
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