राजस्थान पंचायत चुनाव का शनिवार को ऐलान हो गया. राज्य में चार चरणों में 25, 31 अक्टूबर, 4 और 16 नवंबर को पंचायत चुनाव कराए जाएंगे. पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद चुनाव कार्यक्रम की भी घोषणा हुई है.राज्य निर्वाचन आयोग के चुनाव कार्यक्रम जारी करते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई. राजस्थान के 41 जिलों में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराए जाएंगे. 41 जिला परिषदों में 1403 जिला परिषद सदस्य चुनाव भी होगा. 457 पंचायत समितियों के 8245 पंचायत समिति सदस्यों का भी चुनाव होगा. 14403 ग्राम पंचायतों में सरपंच चुनाव भी कराया जाएगा.14403 ग्राम पंचायतों में कुल 130584 वार्ड हैं. करीब 1 लाख 69 हजार पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों का चुनाव कराया जाएगा. जिला परिषद सदस्य 41 जिला प्रमुखों का चुनाव करेंगे.पंचायत समिति सदस्य 457 प्रधानों का चुनाव करेंगे. सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे.जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से होंगे. मतगणना 20 नवंबर को होगी.
राजस्थान पंचायत चुनाव तारीख का ऐलान
पहले चरण की वोटिंग- 25 अक्टूबर
दूसरे चरण की वोटिंग- 31 अक्टूबर
तीसरे चरण की वोटिंग- 6 नवंबर
चौथे चरण की वोटिंग- 16 नवंबर
कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली में जिला प्रमुख और प्रधानों के चुनाव 22 दिसंबर को होंगे
41 जिला परिषद और 457 पंचायत समितियों के चुनाव होंगे
14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव होंगे
1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य चुने जाएंगे
41 जिला प्रमुख और 457 प्रधान चुने जाएंगे
राजस्थान पंचायत समिति चुनाव की तारीख का ऐलान
राजस्थान जिला परिषद चुनाव की तारीख
राज्य निर्वाचन आयोग 4 चरणों में कराएगा चुनाव
8 अक्टूबर को जारी होगी पंचायत चुनाव की लोक सूचना
13 अक्टूबर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख
सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक दाखिल होंगे नामांकन फॉर्म
14 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की समीक्षा
15 अक्टूबर को नाम वापस लेने की अंतिम तारीख
पंचायत समिति सदस्यों के लिए पहले चरण की अधिसूचना 8 अक्टूबर को
दूसरे चरण की अधिसूचना 13 अक्टूबर को जारी होगी
तीसरे चरण की अधिसूचना 19 अक्टूबर को जारी होगी
चौथे चरण की अधिसूचना 21 अक्टूबर को जारी होगी
राजस्थान पंचायत चुनाव मतगणना कब होगी
राजस्थान में पहली बार पंचायतीराज चुनावों को एक साथ कराने की प्रक्रिया हुई है. चार चरणों में चुनाव के बाद गांव से लेकर जिला स्तर तक नई पंचायतीराज संस्थाओं का गठन होगा. कुल करीब 4.03 करोड़ मतदाता मतदान कर सकेंगे. पंचायतीराज चुनाव में 51.82% पुरुष और 48.18% महिला मतदाता हैं. जयपुर में सबसे ज्यादा 18.99 लाख वोटर, जैसलमेर में सबसे कम 4.36 लाख वोटर हैं. मतगणना 20 नंवबर को की जाएगी. पिछले महीने हुए नगर निगम, नगरपालिका चुनाव में बीजेपी ने बाजी मारी थी. 10 में से 9 नगर निगम भाजपा ने जीते थे.
पंचायत चुनाव आरक्षण पहले ही तय
पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू रहेगा. 41 जिला प्रमुख पदों में 20 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं. 457 प्रधान पदों में 221 पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे. जयपुर और जोधपुर में 11-11 पंचायत समितियों में महिला प्रधान बनेंगी.डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सलूंबर और प्रतापगढ़ में प्रधान पद एसटी के लिए आरक्षित रहेंगे. 14403 सरपंच पदों में करीब 7200 पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे. सरपंच पदों में 3058 एसटी, 2493 एससी और 1961 ओबीसी के लिए आरक्षित रखे गए हैं. 1 लाख 30 हजार 584 वार्ड पंच पदों में करीब 65 हजार पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं. वार्ड पंच पदों में 21962 एससी और 19117 एसटी के लिए आरक्षित आवंटित किए गए हैं.
बांसवाड़ा, डूंगरपुर तक आरक्षण तय
ओबीसी के लिए करीब 15 हजार वार्ड पंच पद आरक्षित रखे गए हैं. बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर में सभी 1253 सरपंच पद एसटी के लिए आरक्षित होंगे. 41 जिला प्रमुख पदों की आरक्षण लॉटरी 13 अगस्त को हो चुकी है. 23 सितंबर को 1403 जिला परिषद सदस्य, 8245 पंचायत समिति सदस्य और 457 प्रधान पदों की आरक्षण लॉटरी हुई. 24 सितंबर को ग्राम पंचायतों के सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण प्रक्रिया पूरी हुई. चुनाव प्रक्रिया नवंबर में पूरी कराने की तैयारी है.