अजेय कुमार बने राजस्थान BJP के नए प्रदेश संगठन महामंत्री, दिल्ली से जारी हुआ बड़ा आदेश

राजस्थान भाजपा में बड़े बदलाव का यह आदेश दिल्ली से जारी हुआ है, जिसमें राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने अजेय कुमार को प्रदेश की सबसे पावरफुल सांगठनिक कमान सौंप दी है. जानिए भाजपा में क्यों 'सुपर बॉस' माना जाता है महामंत्री संगठन का यह पद...

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अजेय कुमार बने राजस्थान भाजपा के नए प्रदेश महामंत्री. (फाइल फोटो)
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Jaipur News: राजस्थान भाजपा के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है. दिल्ली आलाकमान ने बड़ा फैसला लेते हुए राजस्थान भाजपा को उसका नया 'चाणक्य' सौंप दिया है. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह की ओर से सोमवार दोपहर जारी एक आधिकारिक पत्र के मुताबिक, अजेय कुमार (Ajaey Kumar) को राजस्थान भाजपा का नया प्रदेश संगठन महामंत्री (State General Secretary Organization) नियुक्त किया गया है. आगामी राजनीतिक समीकरणों और पार्टी के भीतर सांगठनिक कसावट को देखते हुए इस फैसले को बेहद दूरगामी माना जा रहा है. यह आदेश ऐसे समय पर जारी हुआ है जब राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद दिल्ली दौरे पर हैं.

कौन हैं अजेय कुमार?

राजस्थान भाजपा के नव-नियुक्त प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में की थी. संघ में काम करने का उनका लंबा और जमीनी अनुभव रहा है. संघ के प्रचारक के रूप में उन्होंने उत्तराखंड में लंबे समय तक काम किया. वे उत्तराखंड के श्रीनगर (पौड़ी) में नगर प्रचारक रहे, इसके बाद हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में 'जिला प्रचारक' और फिर अल्मोड़ा में 'विभाग प्रचारक' की जिम्मेदारियां संभालीं. यही कारण है कि उन्हें पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों की गहरी समझ है.

उत्तराखंड जाने से पहले अजेय कुमार के पास देश के सबसे बड़े राजनीतिक सूबे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र (मेरठ मंडल) में भाजपा के 'महामंत्री संगठन' का लंबा और सफल अनुभव रहा. पश्चिम यूपी की कड़क और जटिल राजनीति को साधने में उनकी भूमिका अहम रही थी. सितंबर 2019 में भाजपा आलाकमान ने उन्हें प्रमोट करते हुए उत्तराखंड भाजपा का 'प्रदेश महामंत्री संगठन' नियुक्त किया था, जिसे अभी तक संभाल रहे थे. उत्तराखंड में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और पार्टी कैडर को मजबूत बनाए रखने के लिए उनकी कार्यशैली की काफी तारीफ हुई. अब दिल्ली आलाकमान ने उनके इसी ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें राजस्थान भाजपा की सांगठनिक कमान सौंपी है, ताकि वे मरुधरा में पार्टी के सांगठनिक ढांचे को और अधिक मजबूत और धारदार बना सकें.

भाजपा में क्यों पावरफुल है यह पद?

भाजपा में प्रदेश संगठन महामंत्री का पद सबसे प्रभावशाली होता है. प्रदेश अध्यक्ष जहां पार्टी का राजनीतिक चेहरा होते हैं, वहीं संगठन महामंत्री संगठन की कार्यप्रणाली, कार्यकर्ताओं के नेटवर्क और रणनीतिक गतिविधियों के संचालन में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं. बूथ प्रबंधन, सदस्यता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम, संगठन विस्तार और चुनावी तैयारियों जैसे अहम कार्य इसी पद की निगरानी में संचालित होते हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा की कार्यशैली में संगठन को विशेष महत्व दिया जाता है और इसी वजह से संगठन महामंत्री को पार्टी की रीढ़ माना जाता है. यह पद सरकार और संगठन के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ जमीनी स्तर से मिलने वाले फीडबैक को शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने का भी काम करता है.

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निकाय-पंचायत चुनाव से पहले नियुक्ति

अजय कुमार की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब राजस्थान भाजपा आगामी स्थानीय निकाय चुनावों, पंचायत चुनावों और भविष्य की चुनावी रणनीतियों को लेकर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दे रही है. ऐसे में उनकी नियुक्ति को केवल एक संगठनात्मक बदलाव नहीं बल्कि भाजपा के दीर्घकालिक राजनीतिक रोडमैप का हिस्सा माना जा रहा है. पार्टी के भीतर यह भी माना जा रहा है कि उत्तराखंड जैसे राज्य में संगठन की जिम्मेदारी संभालने के बाद राजस्थान जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में उनकी तैनाती नेतृत्व के भरोसे को दर्शाती है. संगठनात्मक अनुभव, संघ की पृष्ठभूमि और जमीनी नेटवर्क पर पकड़ को देखते हुए अजय कुमार से राजस्थान भाजपा को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

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