- कोटा के जवाहर नगर इलाके में तीन मंजिला इमारत गिरने से दो लोगों की मौत और चौदह लोग घायल हुए हैं
- हादसे के समय बिल्डिंग में नॉनवेज रेस्टोरेंट का स्टाफ समेत लगभग पंद्रह लोग मौजूद थे
- प्राथमिक जांच में पास के निर्माण कार्य के दौरान ड्रिलिंग के कारण इमारत के कमजोर होने की बात सामने आई है
कोटा के जवाहर नगर इलाके में तीन मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई. हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल बताए जा रहे हैं. जिस इमारत में हादसा हुआ, वहां नॉनवेज रेस्टोरेंट संचालित हो रहा था. हादसे के वक्त बिल्डिंग के अंदर करीब 15 लोग मौजूद थे. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, नगर निगम का बचाव दल, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं.
क्या है हादसे की मुख्य वजह
प्राथमिक जांच में हादसे की वजह पास में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान की जा रही ड्रिलिंग बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि ड्रिलिंग के कारण बिल्डिंग में लगातार वाइब्रेशन हो रहा था, जिससे कमजोर ढांचा अचानक गिर गया. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पहुँचे घायल ओर प्रत्यक्ष दर्शियों को हादसे से गहरा सदमा लगा है.
हादसा इतना भयावह था कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई. मलबे में दबे लोगों की चीख-पुकार दूर तक सुनाई देती रही. सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. इमारत के नीचे मलबे में दबे लोगों की जान बचाने की गुहार गूंजती रही. हादसे के समय बिल्डिंग में नॉनवेज रेस्टोरेंट का स्टाफ समेत करीब 15 लोग मौजूद थे. हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोग सबसे पहले मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर मलबा हटाने की कोशिश शुरू की.
- दूसरे मृतक की हुई लक्ष्मण के रूप में पहचान. केशवपुरा का बताया जा रहा है 15 साल का मृतक बालक लक्ष्मण. आधा दर्जन लोग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में है भर्ती जिनका चल रहा है इलाज. घायलों में शामिल पूरब और शालीन ममेरे भाई
- हादसे की जानकारी मिलते ही कोटा उत्तर विधायक संदीप शर्मा मौके पर पहुंचे और प्रशासन को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए, वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और बचाव व राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मौके पर मौजूद रहे.
- फिलहाल प्रशासन हादसे के कारणों की गहन जांच कर रहा है. चिंता की बात ये है कि यह इलाका कोचिंग स्टूडेंट्स की भारी आवाजाही वाला क्षेत्र है. बड़ा सवाल यही है कि अगर हादसा किसी और वक्त होता, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था.














