अजमेर में जलती स्कॉर्पियो में 4 की मौत, पूर्व सरपंच के परिवार को बेटे ने ही खत्म कर डाला, 5 वजहों ने खोल दी हत्याकांड की पोल

Ajmer Borada Family Murder Mystery Solved: मौत से महज 10 घंटे पहले रामसिंह चौधरी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट लिखकर विधायकों, सांसदों और मंत्रियों से अपने हक की लड़ाई के लिए पुलिस सुरक्षा की गुहार भी लगाई थी.

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'मां को मुर्गा बनाकर पीटता था पिता...', नाबालिग बेटे ने ऑनलाइन चाकू मंगाकर मार डाला; मां-बहन के साथ मिलकर 4 को जिंदा फूंका
NDTV Reporter

Ajmer Borada Murder Case Update: राजस्थान के अजमेर जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह अराई रोड पर एक स्कॉर्पियो कार में 4 लोगों के जलकर कंकाल बनने की घटना बड़ा नरसंहार निकली है. जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के नेतृत्व में गठित विशेष टीमों ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महज कुछ ही घंटों में इस खौफनाक 'फैमिली मर्डर मिस्ट्री' का पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि इस वारदात को किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि मृतक पूर्व सरपंच के 17 वर्षीय नाबालिग बेटे ने अपनी मां और बहन के साथ मिलकर अंजाम दिया था. पुलिस ने मृतक की पहली पत्नी, बेटी और नाबालिग बेटे को हिरासत में ले लिया है.

2 शादियां, 6 साल से जारी थी पारिवारिक कलह

पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड की जड़ें श्रीरामपुरा गांव के निवासी और कांग्रेस के पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी के वैवाहिक जीवन के विवादों से जुड़ी हैं. रामसिंह की मां पूसी देवी भी पूर्व सरपंच रह चुकी थीं. रामसिंह ने वर्ष 2005 में सुनीता चौधरी से पहली शादी की थी, जिससे उनके एक बेटा और एक बेटी हैं. इसके बाद वर्ष 2019 (करीब 6 साल पहले) में रामसिंह ने सुनीता की मर्जी के खिलाफ सुरज्ञान नाम की महिला से प्रेम विवाह कर लिया, जो निवर्तमान जिला परिषद सदस्य थीं और वकालत की पढ़ाई कर रही थीं. दूसरी शादी के बाद से ही पहली पत्नी सुनीता और उसके बच्चे खुद को हाशिए पर महसूस करने लगे, जिसके चलते घर में लगातार गंभीर विवाद और क्लेश रहने लगा था.

पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी ने करीब 6 साल पहले दूसरे शादी कर ली थी, जो इस हत्याकांड की मुख्य वजहों में से एक बनी.
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'मां को मुर्गा बनाकर मारता था', बेटे ने बताई हत्या की वजह

सख्ती से की गई पूछताछ में आरोपी नाबालिग बेटे ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसका पिता रामसिंह शराब के नशे में उसकी मां सुनीता, बहन और उसके साथ मारपीट करता था. आरोपी के मुताबिक, रामसिंह उसकी मां को मुर्गा बनाकर पीटता था और पूरे परिवार को प्रताड़ित करता था. घर के सारे काम उसकी मां से करवाए जाते थे और उन्हें बाहर भी नहीं जाने दिया जाता था. इस प्रताड़ना के कारण बेटे के मन में पिता के प्रति गहरी नफरत पैदा हो गई थी. उसने अपनी मां से कई बार कहा था कि वह एक दिन पिता को जान से मार देगा.

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पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी ने हत्या से करीब 10 घंटे पहले फेसबुक पर पोस्ट कर पुलिस सुरक्षा मांगी थी.
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ऑनलाइन चाकू मंगाकर सोते समय रेता गला

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेटे ने हत्या की योजना पहले से बना रखी थी और इसके लिए उसने ऑनलाइन एक चाकू भी ऑर्डर करके मंगवाया था. 27 मई को भी घर में पिता और मां के बीच जोरदार झगड़ा हुआ था, जिस दौरान बेटे ने पिता को हत्या की धमकी दी थी. रात को जब रामसिंह शराब के नशे में सो गए, तो आरोपी बेटे ने नींद में ही चाकू से उनका गला काट दिया.

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सौतेली मां, दादी और रिश्ते की बहन को भी मारा

जब नाबालिग आरोपी पिता पर हमला कर रहा था, तो पास में सो रही दूसरी पत्नी सुरज्ञान ने उसे देख लिया. पकड़े जाने के डर से आरोपी ने सुरज्ञान का भी गला काट दिया. शोर सुनकर पास ही सो रही दादी पूसी देवी और रिश्ते में बहन (भांजी) महिमा वहां पहुंच गईं. राज खुलने के डर से आरोपी बेटे ने अपनी मां सुनीता और बहन के साथ मिलकर उन दोनों पर भी धारदार व भारी हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया.

FSL टीम ने जांच में पाया कि घर के अंदर खड़े ट्रैक्टर का सारा तेल निकाल लिया गया है.
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ट्रैक्टर से डीजल निकाला, माचिस से गाड़ी फूंकी

हत्याकांड को अंजाम देने के बाद इसे 'हादसा' दिखाने की साजिश रची गई. आरोपियों ने घर में खड़े एक ट्रैक्टर से डीजल निकाला और चारों शवों को घसीटकर स्कॉर्पियो गाड़ी में डाल दिया. इसके बाद घर से करीब 500 मीटर दूर ले जाकर अराई रोड के किनारे गाड़ी खड़ी की और रामसिंह की ही सिगरेट वाली माचिस का इस्तेमाल कर डीजल छिड़ककर आग लगा दी. वारदात के बाद आरोपियों ने घर लौटकर पानी और केमिकल से पूरे फर्श और दीवारों को धोकर खून के निशान मिटाने की कोशिश भी की.

चारों की हत्या को हादसा दिखाने के लिए शवों को गाड़ी में रखकर आग लगा दी गई.
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इन 5 सुरागों ने बिगाड़ा आरोपियों का खेल

शुरुआत में आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कहानी बनाई कि वे दादी की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे और शॉर्ट सर्किट से कार लॉक होने के कारण हादसा हो गया. लेकिन FSL और MOB टीमों की जांच में सामने आए इन 5 वैज्ञानिक सबूतों ने पूरी कहानी पलट दी.

  1. जली हुई स्कॉर्पियो की पिछली सीटें पूरी तरह से फोल्ड पाई गईं. फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर जिंदा इंसान सफर कर रहे होते तो सीटें कभी फोल्ड नहीं होतीं. इससे साफ हुआ कि लाशों को सामान की तरह लादा गया था.
  2. दूसरी पत्नी सुरज्ञान का शव गाड़ी से बाहर खेत में मिला, जिसका गला कटा हुआ था और आसपास खून फैला था, जबकि ड्राइविंग सीट पर कोई नहीं था.
  3. केमिकल से धोने के बावजूद घर की दीवारों और फर्श पर खून के निशान मिले. तलाशी में दो ऐसी ईंटें और एक माचिस बरामद हुई, जिन पर गाढ़ा खून लगा हुआ था.
  4. घर में खड़े ट्रैक्टर की टंकी से डीजल निकाला जाना साफ दिखाई दे रहा था.
  5. अस्पताल ले जाने के दावे के विपरीत गाड़ी बोराड़ा के रास्ते पर न जाकर अरांई रोड की तरफ मिली. इसके अलावा, हिरासत में ली गई पहली पत्नी सुनीता के हाथ पर भी ताजा कट के निशान पाए गए.

पहले भी की थी पिता की हत्या की कोशिश

पुलिस पूछताछ में आरोपी नाबालिग बेटे ने कबूल किया कि वह इससे पहले भी कई बार अपने पिता को मारने का प्रयास कर चुका था. उसने खाने में जहर मिलाने और माइंस क्षेत्र में पहाड़ी से धक्का देकर हत्या करने की कोशिश की थी, लेकिन हर बार असफल रहा था. आखिरकार उसने ऑनलाइन चाकू मंगवाकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया. फिलहाल पुलिस ने आरोपी बेटे को निरुद्ध कर लिया है और हत्या में शामिल मां और बहन से गहन पूछताछ कर साक्ष्य जुटाने में लगी है.

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