पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए मनीष सिसोदिया की बड़ी अपील, विधायक लें जिम्मेदारी

दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए बड़ी अपील की है. उन्होंने विधायकों से इसके खिलाफ पूरी जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया.

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मनीष सिसोदिया
चंडीगढ़:

आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब प्रभारी और दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अमृतसर में 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' मुहिम के तहत पार्टी नेताओं, विधायकों, ब्लॉक इंचार्ज और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए विधायकों को पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी और हर गांव की रोजाना जवाबदेही पक्की करनी होगी. उन्होंने पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ एक मजबूत और मिशन-मोड लड़ाई की अपील की, और इस बात पर जोर दिया कि 'आप' की नींव संघर्ष और कुर्बानी में है, न कि पावर या सुविधाओं में.

सभा को संबोधित करते हुए,आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी जंतर-मंतर पर अरविंद केजरीवाल जी, हम सभी और आप में से कई लोगों के सहयोग से 14 दिन की भूख हड़ताल से निकली है. यह पार्टी सत्ता का आनंद लेने या विधायक मंत्री बनने के लिए ड्राइंग रूम में नहीं बनी. यह संघर्ष से पैदा हुई पार्टी है और हमने कभी हिम्मत नहीं हारी है."

दिल्ली सरकार के सामने आई चुनौतियों को याद किया. उन्होंने कहा कि जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने, तो हमने तहसीलदार से लेकर एसडीएम तक, सभी लेवल पर भ्रष्टाचार के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस' की पॉलिसी अपनाई. 

उन्होंने आगे कहा कि सत्ता जाने के बाद भी, हमने ऐसे स्कूल और अस्पताल बनाए जो भारत में पहले कभी नहीं देखे गए. हमने बिजली और पानी पर ऐसी नीतियां लागू कीं जो एक मिसाल बन गईं. अरविंद केजरीवाल कह सकते थे कि वह शक्तियों के बिना काम नहीं कर सकते, लेकिन उन्होंने करके दिखाया. यही वजह है कि दिल्ली के लोगों ने उन्हें 2020 में 70 में से 62 सीटें दीं.

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विधायकों और लोकल लीडरशिप को सीधे संबोधित करते हुए पंजाब आप प्रभारी ने कहा कि अगर एक भी गांव या एक भी वार्ड में नशा बिक रहा है, तो आपको नींद नहीं आनी चाहिए. कोई विधायक अपने ब्लॉक इंचार्ज को फोन करके क्यों नहीं पूछता कि क्या हो रहा है? विधायक खुद गांव क्यों नहीं जाता? जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता. उन्होंने जवाबदेही और तालमेल की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि 24 मार्च से 31 मार्च तक सभी ब्लॉकों में मीटिंग की जाएंगी. हर VDC रिपोर्ट देगी कि उनका गांव नशा मुक्त है या नहीं और किस हद तक नशा अभी भी बाकी है. अगर नशा बिक रहा है तो जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए. विधायक और हलका इंचार्ज ब्लॉक इंचार्जों का पूरा साथ दें.

उन्होंने 'आप' की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दोहराते हुए कहा कि अगर 'आप' का कोई दूर का कार्यकर्ता भी नशा तस्करी से जुड़ा पाया जाता है या नशा तस्करों से उसके संबंध पाए जाते हैं, तो उसे जेल भेजा जाना चाहिए. पार्टी और शासन दोनों में जीरो टॉलरेंस लागू होनी चाहिए.

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मनीष सिसोदिया ने शिकायतों के लिए गोपनीय रिपोर्टिंग प्रणाली के बारे में बताते हुए कहा, ''शिकायतों के लिए तैयार की गई ऐप पूरी तरह गोपनीयता सुनिश्चित करती है. यहां तक कि मंत्री, कमिश्नर या मुख्यमंत्री को भी यह पता नहीं चल सकता कि जानकारी किसने दी है. सिर्फ की गई कार्रवाई को ही ट्रैक किया जा सकता है. इसलिए लोग निडर होकर रिपोर्ट करें."


 

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