हाई कोर्ट पहुंचे पूर्व आप राज्य सभा MP संदीप पाठक, पंजाब में उनके खिलाफ दर्ज FIR's की डीटेल पब्लिक करने की मांग की

Sandeep Pathak: राज्यसभा सांसद ने मांग की है कि उनके खिलाफ दर्ज दोनों FIR के नंबर, तारीख और संबंधित पुलिस स्टेशन की जानकारी को सार्वजनिक करने के निर्देश दिए जाएं. उनका दावा है कि उन्हें मीडिया और निजी सूत्रों से मामलों का पता चला है. आरोप लगाया कि कानूनी नियमों के बावजूद FIR को पंजाब पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया है.

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FORMER AAP RAJYA SABHA MP MOVED PUNJAB AND HARYANA HIGH COURT

Rajya Sabha MP: आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए पूर्व आप राज्यसभा सांसद संदीप पाठक पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में दर्ज एक याचिका में पंजाब सरकार द्वारा उनके खिलाफ दर्ज हुए एफआईआर का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है. 6 अन्य सांसदों के साथ AAP से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए संदीप पाठक ने कहा है कि पंजाब सरकार अपने खिलाफ दर्ज कथित FIR का पूरा विवरण कराए. 

राज्यसभा सांसद ने मांग की है कि उनके खिलाफ दर्ज दोनों FIR के नंबर, तारीख और संबंधित पुलिस स्टेशन की जानकारी को सार्वजनिक करने के निर्देश दिए जाएं. उनका दावा है कि उन्हें मीडिया और निजी सूत्रों से मामलों का पता चला है. आरोप लगाया कि कानूनी नियमों के बावजूद FIR को पंजाब पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया है.

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 हाई कोर्ट से लंबित एफआईआर के संबंध में दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दायर याचिका में कोर्ट से पाठक ने यह भी निर्देश देने की मांग की है कि पंजाब सरकार को इस याचिका के लंबित रहने के दौरान उन पर दर्ज हुए दो FIRs के संबंध में कोई भी दंडात्मक कार्रवाई ( गिरफ्तारी) करने से रोका जाए. इससे पहले, ऐसी खबरें आई थीं कि पंजाब पुलिस ने पाठक के खिलाफ दो FIRs दर्ज की हैं, लेकिन मामलों का कोई विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया था.

आरोप, FIR की डिटेल पंजाब पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई

याचिका के अनुसार, याचिकाकर्ता को मीडिया रिपोर्टों और अनौपचारिक माध्यमों से पता चला कि पंजाब पुलिस ने अलग-अलग जिलों में उनके खिलाफ दो FIR दर्ज की हैं, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद उनके विवरण याचिकाकर्ता को उपलब्ध नहीं कराया गया है. याचिका में आगे कहा गया है कि FIR पंजाब पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई हैं.

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राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दायर याचिका में पंजाब सरकार को यह निर्देश देने की भी मांग की है कि वे एक हलफनामे पर 'स्टेटस रिपोर्ट' (स्थिति रिपोर्ट) दायर करें, जिसमें BJP में शामिल होने के उनके फैसले के बाद उनके खिलाफ दर्ज की गई सभी एफआईआई (यदि कोई हों) का विवरण दिया गया हो. 

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'एक सोची-समझी राजनीतिक बदले की भावना का हिस्सा है उनके खिलाफ दर्ज FIR's'

याचिका में कहा गया है कि एफआईआर के सभी महत्वपूर्ण विवरणों को याचिकाकर्ता से जानबूझकर छिपाना, याचिकाकर्ता के खिलाफ एक सोची-समझी "राजनीतिक बदले की भावना" (political vendetta) का हिस्सा है. सूत्रों के अनुसार, सांसद संदीप पाठक पर दायर दोनों एफआईआर भ्रष्टाचार और शोषण (महिला उत्पीड़न) जैसे गंभीर और गैर-जमानती आरोपों से जुड़े हुए हो सकते हैं.

AAP के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों ने 24 अप्रैल को पार्टी से दे दिया था इस्तीफा

गौरतलब है बीते 24 अप्रैल को AAP के 10 राज्यसभा सांसदों में से सात क्रमशः संदीप पाठक, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने अचानक आम आदमी पार्टी छोड़ दी थी. आप छोड़कर बीजेपी ज्वाइन करने वाले सांसदों ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिक आदर्शों से भटक गई है. इस्तीफा देने वाले 7 MP में से 6 सांसद पंजाब से हैं. 

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