पंजाब में एसआईआर के दौरान एक भी योग्य वोट हटाने नहीं देगी AAP: मुख्यमंत्री भगवंत मान

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब में लगभग 83 प्रतिशत मतदाता मैपिंग पहले ही पूरी हो चुकी है. उन्होंने नागरिकों से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सत्यापन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की अपील की.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
चंडीगढ़:

देश के कई राज्यों में मतदाता सूचियों में अनियमितताओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को घोषणा की कि आम आदमी पार्टी (आप) विशेष गहन संशोधन (एस.आई.आर.) प्रक्रिया के तहत पंजाब में किसी भी योग्य मतदाता का वोट नहीं हटाने देगी. किसी विशेष राजनीतिक पार्टी के लिए "फर्जी वोट" बनाने की किसी भी कोशिश के खिलाफ चेतावनी देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप नेता और कार्यकर्ता प्रदेश भर के प्रत्येक पोलिंग बूथ पर बूथ लेवल अफसरों (बी.एल.ओज़.) के साथ तैनात रहेंगे, ताकि इस प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की जा सके और अनियमितताओं को रोका जा सके.

अन्य राज्यों से लाखों योग्य वोटों को हटाने और सत्यापन प्रक्रिया में अनियमितताओं संबंधी आई शिकायतों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग राज्य में ऐसी अनियमितताओं की इजाजत नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग (ई.सी.) से एस.आई.आर. प्रक्रिया को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पूरा करने और जनता की आपत्तियों का निपटारा बिना देरी के करने की अपील की गई है.

मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मतदाता सूचियों का विशेष गहन संशोधन पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ किया जाना चाहिए, ताकि हर योग्य मतदाता बिना किसी डर या निर्विघ्न ढंग से अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सके. पूरी प्रक्रिया के दौरान सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि सक्रिय रूप से शामिल होंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पंजाब में कहीं भी कोई हेराफेरी न हो."

मुख्यमंत्री ने कहा, "विभिन्न राज्यों में योग्य वोटों को हटाने और फर्जी एंट्री करने बारे पैदा हुए खतरों के कारण नागरिकों के बीच चिंता पैदा हो गई है, जिसके कारण चुनाव आयोग के लिए पूरी जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ काम करना अनिवार्य हो गया है. लाखों योग्य वोटों को हटाने और सत्यापन प्रक्रिया में हेराफेरी बारे विभिन्न राज्यों से शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन पंजाब के लोग राज्य में ऐसे कृत्यों की इजाजत नहीं देंगे."

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अगर मतदाता सूचियों की सटीकता और चुनाव कराने वाली संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास कम होने लगे, तो लोकतंत्र की नींव खतरे में पड़ सकती है." उन्होंने आगे कहा, "चुनाव आयोग को हर योग्य मतदाता की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और राजनीतिक दलों द्वारा उठाई गई आपत्तियों का पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और बिना किसी देरी के समाधान करना चाहिए."

Advertisement
मतदाता सूचियों के संशोधन बारे 'आप' के स्टैंड को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मृत व्यक्तियों या विदेशी नागरिकता प्राप्त करने के बाद स्थायी रूप से विदेश चले गए लोगों के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए जाने चाहिए, लेकिन पंजाब के किसी भी असली निवासी को किसी भी हालत में परेशान नहीं किया जाना चाहिए या उसके वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं करना चाहिए."

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि पंजाब में लगभग 83 प्रतिशत मतदाता मैपिंग पहले ही पूरी हो चुकी है. उन्होंने नागरिकों से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सत्यापन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने की अपील की. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुष्टि की, "चुनाव आयोग को सम्पूर्ण एस.आई.आर. प्रक्रिया के दौरान पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए और लोगों द्वारा उठाई गई आपत्तियों का तुरंत एवं निष्पक्ष ढंग से निपटारा करना चाहिए."

इसे भी पढ़ें: साइलेंट किलर हाइपरटेंशन से जंग! पंजाब में 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' कैसे बचा रही है लोगों की जिंदगी और पैसा?

Advertisement
Featured Video Of The Day
अपराधियों की जाति पर राजनीति क्यों? एनकाउंटर पर CM Yogi Vs Akhilesh Yadav
Topics mentioned in this article