AAP ने BJP में शामिल हुए सात राज्यसभा सांसदों के खिलाफ किया प्रदर्शन, कहा- 'ये पंजाब के गद्दार'

विरोध प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि खरीदने-बेचने की राजनीति भाजपा का इतिहास रहा है. इन लोगों के जाने से पंजाब की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन इनके असली चेहरे लोगों के सामने आ गए हैं.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • आम आदमी पार्टी ने भाजपा में शामिल हुए सात राज्यसभा सदस्यों के खिलाफ पंजाब में विरोध प्रदर्शन किया
  • पार्टी ने इन सांसदों को पंजाब के जनादेश के साथ धोखा करार देते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की
  • आप नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा ने ईडी और सीबीआई की धमकी देकर इन सदस्यों को जबरदस्ती पार्टी में शामिल कराया
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
चंडीगढ़:

आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा में शामिल हुए सात राज्यसभा सदस्यों के विरोध में रविवार को पंजाब के हर ज़िले में विरोध प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने सांसदों के घरों की दीवारों पर "गद्दार" लिख दिया. उन्होंने कहा कि ये पंजाब के जनादेश के साथ धोखा है, जिसे माफ नहीं किया जा सकता. जिला हेडक्वार्टर से लेकर औद्योगिक केंद्रों तक आप नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने टायर जलाकर अपना गुस्सा ज़ाहिर किया और आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले सांसदों की खुलकर निंदा की.

दलबदल को पंजाब की मिट्टी और आत्म-सम्मान के साथ बड़ा धोखा बताते हुए, आप ने मांग की कि इन सांसदों की राज्यसभा मेंबरशिप तुरंत रद्द की जाए. पार्टी ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने दबाव और मौकापरस्ती की वजह से भाजपा का पक्ष लिया है, उन्हें पंजाब के लोग कभी स्वीकार नहीं करेंगे.

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने दलबदलुओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राज्यसभा का मतलब संसद में राज्य की आवाज बनना है. इन सदस्यों को पंजाब के मुद्दे उठाने के लिए भेजा गया था, लेकिन अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय वे भाजपा के साथ जा मिले. यह शर्मनाक काम तीन करोड़ पंजाबियों के साथ धोखा है. उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने ईडी और सीबीआई की धमकी देकर इन नेताओं को जबरदस्ती पार्टी में शामिल किया है.

मंत्री लाल चंद कटारूचक ने भी इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि ये सांसद आप विधायकों के सहयोग से पंजाब के हितों को प्रतिनिधित्व करने के लिए चुने गए थे. पंजाब की आवाज उठाने के बजाय उन्होंने राज्य और पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा है. विपक्षी सरकारों को अस्थिर करने के भाजपा के ऐसे हथकंडे सबके सामने हैं.

लहरागागा में विरोध प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि खरीदने-बेचने की राजनीति भाजपा का इतिहास रहा है. इन लोगों के जाने से पंजाब की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन इनके असली चेहरे लोगों के सामने आ गए हैं. जो भी भाजपा में शामिल हुआ, उसे बाद में पछताना पड़ा. हम आम आदमी पार्टी की विचारधारा के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं.

Advertisement

विधायक बलकार सिंह सिद्धू ने कहा कि इन नेताओं का नाम इतिहास में गद्दारों के तौर पर लिखा जाएगा. आप ने उन्हें पहचान और पद दिए, लेकिन वे उस भरोसे को बनाए रखने में नाकाम रहे. पंजाब के लोग इस धोखे को कभी माफ नहीं करेंगे और ऐसे नेता राजनीतिक रूप से अलग-थलग पड़ जाएंगे.

विधायक मनिंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि इन सांसदों को लोगों ने सीधे नहीं चुना था, बल्कि आप को मिले जनादेश से नॉमिनेट किया गया था. उन्होंने लोगों के भरोसे का गलत इस्तेमाल किया है. हम मांग करते हैं कि उनकी राज्यसभा मेंबरशिप तुरंत खत्म की जाए.

Advertisement
आप नेताओं ने कहा कि पंजाब के लोगों ने पार्टी को ऐतिहासिक जनमत दिया था, जिसके बाद अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सात सदस्य राज्यसभा के लिए चुने गए थे. लेकिन, उनमें से छह ने अब सेंट्रल एजेंसियों के दबाव में आकर और अपने फायदे के लिए गैर-लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा का दामन थाम लिया हैं.

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए, आप के एक कार्यकर्ता ने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ गए हैं, उन्हें पंजाब के लोग जल्द ही भूल जाएंगे, जैसे पुराने दलबदलू राजनीतिक रूप से गुमनामी में चले गए थे. उन्होंने न केवल पार्टी बल्कि पूरे राज्य के साथ गद्दारी की है.

आप नेताओं ने दोहराया कि पार्टी राज्य लीडरशिप से लेकर जमीनी स्तर तक मजबूत और एकजुट है. उन्होंने कहा कि भाजपा की ऐसी हरकतें पार्टी को कमजोर नहीं कर सकतीं. उनका मकसद पंजाब में आप सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों में रुकावट डालना है.

Featured Video Of The Day
Bengal Elections 2026: बंगाल चुनाव के बीच गृहमंत्री Amit Shah ने किया बड़ा दावा! | Mamata Banerjee