Vinesh Phogat Disqualified From Paris Olympics: पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. देश की महिला पहलवान विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित कर दिया गया है. ओलिंपिक महिला कुश्ती की तरफ से अयोग्य घोषित करने के बाद विनेश को अब मेडल भी हासिल नहीं होगा. शुरुआती जानकारी के मुताबिक विनेश का वजन तय सीमा से करीब 100 ग्राम ज्यादा पाया गया है. नियम के मुताबिक किसी भी रेसलर को किसी भी वर्ग में शिरकत करने के लिए केवल 100 ग्राम ज्यादा वजन रखने की छुट होती है. हालांकि, भारतीय महिला पहलवान का वजन इससे भी कहीं ज्यादा पाया गया है.
भारतीय ओलिंपिक संघ ने भी की पुष्टि
विनेश को अयोग्य घोषित किए जाने वाली खबर की पुष्टि भारतीय ओलिंपिक संघ ने भी कर दी है. जिसके बाद पूरा साफ हो गया है कि वह 50 किग्रा भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में अब शिरकत नहीं कर पाएंगी, यही नहीं अब उन्हें सिल्वर मेडल भी प्राप्त नहीं होगा.
किस नियम के हिसाब से विनेश फोगाट हुई डिस्क्वालीफाई?
संयुक्त विश्व कुश्ती के नियम के मुताबिक यदि कोई एथलीट वेट इन (पहला या दूसरा वेट इन) में हिस्सा नहीं लेता है या असफल हो जाता है तो उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया जाएगा. यही नहीं उस एथलीट को बिना रैंक के पायदान में सबसे निचले स्थान पर भी रखा जायेगा.
क्या कहता है 2017 का नियम
साल 2017 की शुरुआत में यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने कुश्ती के नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए थे. देश के मशहूर पहलवान कृपाशंकर बिश्नोई ने उस दौरान बातचीत करते हुए इसकी व्याख्या भी की थी.
नए नियम के मुताबिक पहलवानों को अपना वजन कराने के तुरंत 2 घंटे बाद कुश्ती के लिए मैदान में उतरना होगा. जिसके बाद पहलवान पूरे दिन शिरकत कर सकते हैं. अंतिम पदक यानी फाइनल मुकाबले से पूर्व रैपेचेज में पहुंचने के बाद कुश्ती के अगले दिन होने का प्रावधान है. नियम के मुताबिक यहां पहलवानों को अगले दिन 2 किलो वजन की छूट के साथ फिर से वजन तौलने का रुल है.
उस दौरान कृपाशंकर बिश्नोई का क्या था विचार
नियम के बारे में बात करते हुए उस दौरान कृपाशंकर बिश्नोई ने अपना विचार साझा करते हुए कहा था, ''इस बात से आप अनुमान लगा सकते हैं की नए नियमो के मुताबित वजन को नियंत्रित करना और उसके तुरंत बाद कुश्ती खेलना दोनों बातें अपने आप में अलग-अलग दो युद्ध खेलने जैसा है. वजन कम करने के तुरंत बाद कुश्ती करना बहुत मुश्किल है और फिर इसी प्रक्रिया को अगले दिन के लिए फिर से दोहराना एक चुनौती है. ऐसी स्थिति का सामना करने के लिए हमें अभी से हमारे पहलवानों को तैयार करना चाहिए और यह भारतीय कुश्ती संघ की जिम्मेदारी भी है कि वो भारतीय पहलवानों की आदत को नए नियमों के अनुकूल बनाने में सहायता करें.'' भाषा इनपुट के साथ
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