अपने जमाने के दिग्गज बल्लेबाज और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने पहलवान विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक में महिलाओं के 50 किग्रा वजन वर्ग के फाइनल से पहले थोड़ा अधिक वजन होने के कारण अयोग्य ठहराए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि भारत को इसका कड़ा विरोध दर्ज करना चाहिए. विनेश को 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण फाइनल में भाग लेने से अयोग्य घोषित कर दिया गया था.
सुनील गावस्कर ने कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के साथ-साथ भारत सरकार को भी इससे निपटने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए. उन्होंने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा,"मुझे लगता है कि यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है. मुझे यह भी लगता है कि यह सबसे अनुचित है. मुझे उम्मीद है कि अधिकारी इस पर ध्यान देंगे और इस पर कड़ा विरोध दर्ज करेंगे क्योंकि यह शुरुआती दौर का मुकाबला नहीं है."
गावस्कर ने कहा,"हम पदक दौर की बात कर रहे हैं और इसलिए भारत में किसी को भी इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए फिर चाहे वह ओलंपिक संघ हो या भारत सरकार." भारत के पूर्व कप्तान ने कहा,"वास्तव में हमें इस पूरे मामले का पूरी दृढ़ता के साथ कड़ा विरोध करना चाहिए."
गावस्कर ने इसके साथ ही अन्य खिलाड़ियों से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की अपील की. उन्होंने कहा,"यह निश्चित रूप से पूरे भारतीय दल के लिए निराशाजनक है लेकिन यही वह जगह है जहां खिलाड़ी हर तरह की बाधा के बावजूद अच्छा प्रदर्शन करने के लिए खुद को प्रेरित करते हैं." गावस्कर ने कहा,"खेल का मतलब आसान काम नहीं होता फिर चाहे वह क्रिकेट हो या फुटबॉल. इसमें आपको छोटी-छोटी बाधाओं का सामना करना पड़ता है. आपको उन्हें दूर करके पदक हासिल करने के लिए प्रयास करने होंगे."
विनेश को किया गया अयोग्य घोषित
विनेश फोगाट को महिलाओं की 50 किलो कुश्ती स्पर्धा के फाइनल से पहले वजन अधिक पाये जाने के कारण बुधवार को ओलंपिक से अयोग्य घोषित कर दिया गया. विनेश ने ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रचा था. सुबह तक उनका कम से कम रजत पदक पक्का लग रहा था लेकिन अब वह बिना किसी पदक के लौटेंगी.
सेमीफाइनल मुकाबले से पहले वर्कआउट करतीं विनेश फोगाट Photo Credit: IANS
29 वर्ष की विनेश को खेलगांव में पोली क्लीनिक ले जाया गया क्योंकि सुबह उनके शरीर में पानी की कमी हो गई थी. एक भारतीय कोच ने कहा,"सुबह उसका वजन 100 ग्राम अधिक पाया गया. नियम इसकी अनुमति नहीं देते और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया है." अयोग्य घोषित होने के मायने हैं कि उन्हें खेलों से खाली हाथ लौटना होगा क्योंकि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत वजन अधिक पाये जाने पर पहलवान आखिरी तालिका में अंतिम स्थान पर रहता है.
भारतीय ओलंपिक संघ ने दिया ये बयान
भारतीय ओलंपिक संघ ने बाद में विनेश के अयोग्य घोषित होने की पुष्टि करते हुए उनकी निजता का सम्मान करने के लिये कहा,"हमें यह खबर देते हुए खेद हो रहा है कि विनेश फोगाट महिला कुश्ती के 50 किलो वर्ग से अयोग्य घोषित कर दी गई है. पूरी रात टीम के अथक प्रयासों के बावजूद सुबह उसका वजन 50 किलो से अधिक पाया गया." इसमें कहा गया,"भारतीय दल इस समय कोई और बयान नहीं देगा. भारतीय टीम आपसे विनेश की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करती है. भारतीय दल इस समय आगामी स्पर्धाओं पर फोकस करना चाहेगा."
युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के नियमों के अनुसार पहलवान को वजन कराने की अवधि में कई बार अपना वजन कराने का अधिकार होता है. नियम के अनुसार )"अगर कोई खिलाड़ी पहली और दूसरी बार वजन कराने के समय उपस्थित नहीं होता या अयोग्य होता है तो उसे स्पर्धा से बाहर कर दिया जायेगा और वह आखिरी स्थान पर रहेगा. उसे कोई रैंक नहीं मिलेगी."
वजन कम करने के लिये खिलाड़ी दो दिन तक खाना और पानी के बिना भी रह जाते हैं. मुक्केबाज निकहत जरीन ने पेरिस ओलपिक में हार के बाद कह था कि भारवर्ग में रहने के लिये उसने दो दिन तक खाना या पानी नहीं लिया जिससे वह कमजोरी महसूस कर रही थी. विनेश ने पहले ही मुकाबले में मौजूदा चैम्पियन युइ ससाकी को हराया था. उन्हें फाइनल में अमेरिका की सारा एन हिल्डब्रांट से खेलना था. इससे पहले इटली की एमैन्युएला लियुजी को भी वजन अधिक पाये जाने के कारण पहले दौर का मुकाबला गंवाना पड़ा था.
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