टोक्यो 2020 ने अगर भारतीय पुरुष हॉकी टीम में नई जान फूंकी तो पेरिस 2024 इस बात की पुष्टि करता है कि वह फिर से वैश्विक स्तर की दिग्गज टीम बनने की राह पर है. हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली भारतीय टीम ने 60 मिनट के खेल में करीब 40 मिनट तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने के बावजूद ना केवल निर्धारित समय तक ब्रिटेन को 1-1 से बराबरी पर रोका बल्कि शूटआउट में 4-2 से हराकर लगातार दूसरी बार ओलंपिक सेमीफाइनल में प्रवेश किया.
टोक्यो में पुरुष टीम ने कांस्य पदक के रूप में 41 साल बार ओलंपिक पदक जीता. इससे उस खेल में नई जान आई जिसमें आठ ओलंपिक स्वर्ण के साथ भारत का गौरवशाली अतीत रहा है. आखिरी स्वर्ण हालांकि 1980 में आया था. पेरिस में मिली जीत इस बात का आश्वासन है कि टीम सही रास्ते पर है. इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि हॉकी जगत के साथ-साथ आम आदमी भी रविवार को भारत द्वारा दिखाई गई मानसिक दृढ़ता और एकजुटता से आश्चर्यचकित था.
विश्व कप 1975 विजेता टीम के कप्तान अजीत पाल सिंह ने पीटीआई से कहा,"आज इन खिलाड़ियों ने जिस तरह की दृढ़ता, जुझारूपन और एकता दिखाई है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. एक खिलाड़ी कम होने के बाद हर खिलाड़ी एक-दूसरे का समर्थन कर रहा था."
उन्होंने कहा,"जिस तरह से डिफेंस था, वह विश्व स्तरीय था और श्रीजेश बिल्कुल अलग स्तर के खिलाड़ी थे. पूल चरण से लेकर अब तक के सभी मैचों में वह बेहतर होते गए और देश को टीम से एक और पदक की उम्मीद है." अजीत पाल ने कहा,"पेरिस में अब तक का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि हम अब दुनिया की किसी भी टीम को हरा सकते हैं और इसकी शुरुआत तोक्यो से हुई है."
भारत के पूर्व कप्तान सरदार सिंह ने भी टीम की एकता और जुझारूपन की प्रशंसा की. उन्होंने कहा,"आधुनिक समय में 10 खिलाड़ियों के साथ हॉकी मैच खेलना बहुत मुश्किल है और वह भी ओलंपिक क्वार्टर फाइनल जैसी दबाव वाली स्थिति में. लेकिन आज उन्होंने अपना कौशल दिखाया. श्रीजेश, मनप्रीत (सिंह) और हरमनप्रीत जैसे खिलाड़ियों ने टीम को एकजुट किया और युवाओं ने भी अच्छा प्रदर्शन किया."
इस पूर्व कप्तान ने कहा,"जिस तरह से उन्होंने आज खेला मुझे नहीं लगता कि वे पेरिस से खाली हाथ लौटेंगे। अगर वे पोडियम पर शीर्ष पर रहते हैं तो हमें आश्चर्य नहीं होगा."
पेरिस में स्टैंड में बैठकर मैच देखने वाली भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने भी टीम की प्रशंसा की. उषा ने ट्वीट किया,"आज शानदार हौसला दिखाया. टीम इंडिया और हॉकी की दीवार श्रीजेश के लिए एक शानदार जीत जिन्होंने शानदार खेल दिखाया. अगले मैच के लिए पूरी टीम को हमारी शुभकामनाएं."
पूर्व भारतीय क्रिकेट कोच रवि शास्त्री ने भी सोशल मीडिया पर भारतीय हॉकी टीम और विशेष रूप से श्रीजेश को बधाई दी. उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा,"वाह. यह मैच कमजोर दिल वालों के लिए नहीं है. इतने लंबे समय तक 10 खिलाड़ियों के साथ डिफेंड बेजोड़ है. श्रीजेश आपने शानदार प्रदर्शन किया. आप सर्वश्रेष्ठ हैं."
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,"भारतीय हॉकी टीम ने एक बार फिर इतिहास रचा है. भारतीय हॉकी टीम ने ग्रेट ब्रिटेन को हराकर ओलंपिक में सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है. सभी खिलाड़ियों और प्रत्येक गौरवान्वित भारतीय को हार्दिक बधाई. यह ऐतिहासिक उपलब्धि हर भारतीय की है. यह विजयी यात्रा जारी रहे. जय हिन्द."
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