बैडमिंटन की विश्व संस्था (BWF) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने इंदिरा गांधी खेल परिसर में सुविधाओं की समीक्षा की है जिसमें इंडिया ओपन का आयोजन हो रहा है और माना कि यह स्थल अगस्त में विश्व चैंपियनशिप आयोजित करने के लिए सभी जरूरतों को पूरा करता है. इंडिया ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट के शुरुआती दिनों में हवा के स्तर, बहुत अधिक ठंड, साफ-सफाई और स्थल पर आवारा जानवरों की मौजूदगी को लेकर शिकायतों का साया रहा. खेलने की स्थितियों की आलोचना के बीच BWF ने एक विस्तृत बयान जारी किया और उसने इन चिंताओं को स्वीकार किया. उसने इस बात को रेखांकित किया कि आयोजन के दौरान कौन से कदम उठाए गए हैं.
विश्व संस्था ने बयान में कहा, ‘‘बैडमिंटन विश्व महासंघ (BWF) ने योनेक्स-सनराइज इंडिया ओपन 2026 के दौरान खिलाड़ियों और टीम के साथ मिलकर नयी दिल्ली में इंदिरा गांधी खेल परिसर की स्थितियों की समीक्षा की है.' संस्था ने कहा, ‘जो प्रतिक्रिया मिली वो सकारात्मक और रचनात्मक दोनों हैं और ये इस टूर्नामेंट और भविष्य की चैंपियनशिप के लिए सबसे अच्छा माहौल बनाने में बहुत अहम हैं. हम खिलाड़ियों द्वारा साझा की गई प्रतिक्रियाओं और उसके बाद मीडिया कवरेज को भी स्वीकार करते हैं.' दरअसल हुआ यह कि दानिश खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने स्थितियों को ‘स्वास्थ्य के लिए खराब' बताया, जिससे सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना हुई और तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग उठी क्योंकि अगस्त में इसी परिसर में विश्व चैंपियनशिप का आयोजन होना है.
कुछ अन्य खिलाड़ियों ने भी राजधानी में खेलने की स्थितियों को लेकर चिंता जताई थी जिसमें बहुत ज्यादा प्रदूषण और ठंड के मौसम से प्रतिभागियों पर असर पड़ रहा था. इन मुद्दों पर बात करते हुए BWF ने कहा कि मौसमी कारकों ने चुनौतियां पेश कीं. बयान में कहा गया, ‘मुख्य रूप से मौसम की स्थितियों से संबंधित कारकों को प्रबंधित करने ने चुनौतियां पेश कीं जिसमें धुंध और ठंड का मौसम शामिल रहा जो स्थल के अंदर हवा के स्तर और तापमान को प्रभावित कर रहा है. हालांकि हमारा आंकलन इस बात की पुष्टि करता हैं कि इंदिरा गांधी खेल परिसर केडी जाधव स्टेडियम की तुलना में महत्वपूर्ण अपग्रेड है जो बेहतर ढांचा प्रदान करता है.' बीडब्ल्यूएफ ने नए स्थल पर शुरुआती परिचालन कमियों का भी जिक्र किया जिसकी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ ने आलोचना की थी.
उसने कहा, ‘सामान्य साफ-सफाई और स्वच्छता के साथ जानवरों को नियंत्रित करने सहित कार्यान्वयन के कुछ क्षेत्रों पर ध्यान देने की जरूरत थी. भारतीय बैडमिंटन संघ ने इन चिंताओं को दूर करने के लिए तुरंत कार्रवाई की है. खिलाड़ियों ने खेलने की सतह और फ्लोरिंग, जिम और मेडिकल सुविधाओं में सकारात्मक सुधारों की बात की है.' इंडियन ओपन को विश्व चैंपियनशिप से पहले एक अहम परीक्षण टूर्नामेंट के तौर पर देखा जा रहा था और तैयारियों को लेकर चिंताओं ने स्थल की उपयुक्तता पर सवाल खड़े कर दिए थे.














