ग्रेटर नोएडा में गे ऐप गैंग ने बनाया एक और शिकार, जानिए कैसे बुनता है युवकों के लिए जाल

दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव समेत पूरे एनसीआर में एक गैंग ऐक्टिव है. यह है गे डेटिंग ऐप गैंग. ग्रेटर नोएडा में इस गैंग ने एक और युवक को अपना शिकार बनाया है. जानिए क्या है यह गैंग और कैसे करता है वारदात...

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ग्रेटर नोएडा के दादरी में पुलिस ने डेटिंग ऐप गैंग का पर्दाफाश किया है. पूरे एनसीआर में ऐक्टिव इस गैंग ने एक और युवक को अपना शिकार बनाया था. यह गैंग गे ऐप के जरिए युवकों को फंसाता था और फिर ब्लैकमेल करता पैसे लूटता था. दादरी जीटी रोड से गिरोह के सरगना समेत चार को गिरफ्तार किया गया है. गैंग कई वारदातों का अंजाम दे चुका है. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है.    

कैसे फंसाता है गैंग

दिल्ली-एनसीआर में गे गैंग का यह खेल काफी पुराना है. 2020 में पांच महीने के अंदर इस गैंग ने करीब 150 लोगों को अपना शिकार बना लिया था. गैंग के काम करने का तरीका बड़ा शातिराना है. गे डेटिंग ऐप पर इसके गुर्गे फर्जी प्रोफाइल बनाते हैं और फिर तलाश होती है मुर्गे की. दिल्ली एनसीआर में कई लोग इनके झांसे में आते हैं. ऐप पर प्राइवेट मोमेंट्स की तस्वीर निकाल ली जाती हैं. और फिर  ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू हो जाता है. पुलिस रेकॉर्ड्स के मुताबिक इस गैंग के झांसे में आने वाले लोग अच्छी-खासी कंपनियों में काम करने वाले और शादीशुदा होते हैं. भेद खुलने के डर से वे चुपचाप सब सहते रहते हैं. पुलिस के पास कम ही जाते हैं. गैंग का सरगना उन्हें सुनसान जगह पर बुलाता है. और फिर उनके कार्ड्स से पैसे निकलवा लिए जाते हैं. कुछ के साथ यह सिलसिला चलता रहता है. 2020 में गुरुग्राम में पुलिस के पास एक अजीब केस आया. एक युवक ने पुलिस को बताया कि कुछ युवकों ने उससे फोन और पैसे छीन लिए हैं. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो कुछ नहीं मिला. युवक से तफ्तीश की गई, तो उसने पूरा सच उगल दिया. मामला दरअसल गे डेटिंग ऐप से लूटपाट का था.    

ग्रेटर नोएडा में युवक को कैसे लूटा 

ग्रेटर नोएडा के इस नए मामले में पुलिस की गिरफ्त में आए दक्ष उर्फ कप्तान, भूपेंद्र उर्फ भूप्पी, जय राघव, हनी इस गैंग के सदस्य हैं. अडिशनल डीसीपी ग्रेटर नोएडा ने बताया कि पिछले महीने 17 अप्रैल को एक व्यक्ति को स्टैलर जिमखाना सोसायटी नॉलेज पार्क के पास इस गैंग ने लूटा था. युवक को कार में बैठाकर उसके फोन से 79 हजार रुपये दादरी की दुकान के बार कोड पर ट्रांसफर करवा लिए गए थे. उस पैसे से आई-फोन 15 प्रो 64 हजार में खरीदा और बाकी 15 हजार नकद ले लिए थे. साढ़े 24 हजार रुपये कैफे के बार कोड पर डलवा दिए थे. बाद में कैफे से नकद ले लिया गया था. 

कैसे हत्थे चढ़े

इन आरोपियों  को जीटी रोड से चिटहैरा श्मशान जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया गया है. उनके कब्जे से अवैध तमंचा,चाकू और घटना से संबंधित एक आई फोन-15 प्रो बरामद किया है. इन आरोपियों ने कुछ दिन पहले हापुड़ में भी ऐसे ही एक व्यक्ति को बुलाकर उससे 25 हजार रुपये और एक सोने की चेन लूट ली थी. गैंग ने कई और वारदातों को भी अंजाम दिया है. 

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