धार: न्यायालय द्वारा स्टे लगाने के बावजूद सरपंच ने सेना के पैतृक मकान को तोड़ा

परिजनों का आरोप है कि मकान तोड़ने से पहले किसी भी तरह की सूचना सरपंच की तरफ से नहीं दी गई थी. समय नहीं मिलने के कारण परिजन घर से आवश्यक सामान बाहर नहीं ले जा सके. परिजनों का आरोप है कि इस घर में कीमती गहने थे, जो अब नहीं मिल रहे हैं.

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धार: जिले के बदनावर तहसील के ग्राम मुल्थान में फौजी के परिजनों का घर गिराने का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, गांव के सरपंच देवेंद्र मोदी ने घर तोड़ने का फैसला दिया था. भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कृष्णा के पैतृक मकान में बुजुर्ग माता-पिता, बहन और पत्नी रहते थे. हालांकि, इस मकान पर न्यायालय द्वारा स्टे लगा हुआ था.
       
परिजनों का आरोप है कि मकान तोड़ने से पहले किसी भी तरह की सूचना सरपंच की तरफ से नहीं दी गई थी. समय नहीं मिलने के कारण परिजन घर से आवश्यक सामान बाहर नहीं ले जा सके. परिजनों का आरोप है कि इस घर में कीमती गहने थे, जो अब नहीं मिल रहे हैं. परिजनों ने आरोप लगाया है कि कीमती सामान सरपंच और कर्मचारी लेकर गए.
 

इस खबर ने सबको हैरान कर दिया है. लोग सैनिक और उनक परिजनों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार से काफी हैरान हैं.

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