कौन हैं मालेगांव की 'बुर्के वाली मेयर' शेख नसरीन? कांग्रेस-सपा के साथ मिलकर कर दिया 'खेला'

मालेगांव की नई मेयर शेख नसरीन खालिद बन गई हैं. 84 पार्षदों वाली मालेगांव नगर निगम में शेख नसरीन खालिद को 43 वोट मिले. उन्हें शिवसेना (शिंदे गुट) की लता घोडके को हराया है.

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  • मालेगांव नगर निगम की नई मेयर ISLAM पार्टी की शेख नसरीन खालिद चुनी गई हैं, जो मुस्लिम महिला हैं
  • डिप्टी मेयर पद पर समाजवादी पार्टी की निहाल अहमद चुनी गईं, दोनों पद मुस्लिम महिलाओं के पास हैं
  • मेयर चुनाव में ISLAM पार्टी को 35, समाजवादी पार्टी को 5 और कांग्रेस को 3 पार्षदों का समर्थन मिला था
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मालेगांव:

महाराष्ट्र के नासिक जिले में आने वाली मालेगांव नगर निगम को नई मेयर मिल गई है. शनिवार को हुए चुनाव में ISLAM पार्टी की उम्मीदवार शेख नसरीन खालिद मालेगांव की मेयर बन गई हैं. मालेगांव में सिर्फ मेयर ही नहीं, बल्कि डिप्टी मेयर भी एक मुस्लिम महिला ही बनी है. समाजवादी पार्टी की शान-ए-हिंद निहाल अहमद को डिप्टी मेयर चुना गया है.

मालेगांव में मेयर और डिप्टी मेयर के लिए शनिवार को चुनाव हुआ था. चुनाव बड़ा दिलचस्प हुआ. इसमें ISLAM पार्टी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर वोट डाला. ISLAM पार्टी की उम्मीदवार शेख नसरीन को 43 वोट मिले और उन्होंने शिवसेना (शिंदु गुट) की लता घोडके को हरा दिया. लता घोडके को सिर्फ 18 वोट ही मिले.

चुनाव में क्या कुछ हुआ?

मालेगांव नगर निगम में 84 पार्षद हैं. 15 जनवरी को यहां चुनाव हुए थे. इनमें सबसे ज्यादा 35 पार्षद ISLAM पार्टी के हैं. ISLAM माने इंडियन सेक्युलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने 21 सीटें जीती थीं. शिवसेना (शिंदे गुट) को 18, समाजवादी पार्टी को 5, कांग्रेस को 3 और बीजेपी को 2 ही सीट मिली थी.

मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव जीतने के लिए 43 पार्षदों के वोट की जरूरत थी. शेख नसरीन को 43 वोट मिले. इसमें ISLAM पार्टी के 35, समाजवादी पार्टी के 5 और कांग्रेस के 3 पार्षदों के वोट थे.

शिवसेना (शिंदे गुट) की तरफ से मेयर पद के लिए लता घोडके और डिप्टी मेयर पद के लिए नीलेश काकड़े उम्मीदवार थे. दोनों को 18-18 वोट ही मिले. AIMIM और बीजेपी ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया. 

इस तरह से मेयर पद की उम्मीदवार शेख नसरीन और डिप्टी मेयर की उम्मीदवार निहाल अहमद को 43-43 वोट मिले. मेयर पद ISLAM पार्टी तो डिप्टी मेयर का पद समाजवादी पार्टी के पास आ गया.

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कौन हैं शेख नसरीन?

शेख नसरीन को 'बुर्के वाली मेयर' कहा जा रहा है. वह इसलिए क्योंकि स्थानीय चुनाव के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि एक दिन मुंबई को 'बुर्के वाली मेयर' मिलेगी.

शेख नसरीन राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं. वह कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ शेख की रिश्तेदार हैं. शेख नसरीन, पूर्व विधायक आसिफ शेख के छोटे भाई शेख खालिद की पत्नी हैं. 

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आसिफ शेख वही हैं, जिन्होंने पिछले साल ISLAM पार्टी बनाई थी. उनके पिता शेख राशिद भी कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं. आसिफ शेख 2014 में मालेगांव सेंट्रल विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक चुने गए थे. 2019 में कांग्रेस ने उन्हें फिर यहां से टिकट दिया लेकिन वो AIMIM के मुफ्ती इस्माइल से हार गए. 

मालेगांव पर परिवार का दबदबा

शेख राशिद और उनके परिवार का मालेगांव पर दशकों से दबदबा है. 2022 के नगर निगम चुनाव के बाद शेख राशिद, उनकी पत्नी ताहिरा और बेटे आसिफ शेख ने कांग्रेस छोड़ दी थी. उनके साथ ही कांग्रेस के सभी 28 पार्षद कांग्रेस छोड़कर एनसीपी में शामिल हो गए थे. इसके साथ ही मालेगांव नगर निगम से कांग्रेस का सफाया हो गया था और ताहिरा शेख मेयर बन गई थीं.

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इसके बाद जब एनसीपी में बंटवारा हो गया. तो पिछले साल अक्टूबर में आसिफ शेख ने अपनी नई पार्टी ISLAM को लॉन्च किया. उन्होंने मालेगांव सीट से चुनाव लड़ा लेकिन फिर मुफ्ती इस्माइल से सिर्फ 162 वोटों से हार गए. 

शेख राशिद के परिवार से मालेगांव की मेयर बनने वालीं शेख नसरीन तीसरी हैं. उनसे पहले शेख राशिद और उनकी पत्नी ताहिरा राशिद भी मालेगांव की मेयर रह चुकी हैं.

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