'एक भी फर्जी व्यक्ति ओबीसी में शामिल नहीं होगा', सीएम फडणवीस का बड़ा ऐलान

ओबीसी युवा की आत्महत्या पर सीएम ने कहा, "मुझे लगता है कि दोनों समुदायों के बीच यह खाई तब तक कम नहीं होगी, जब तक दोनों समुदायों के नेता समाज को वास्तविकता से अवगत नहीं कराते.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

महाराष्ट्र में ओबीसी-मराठा विवाद लगातार जारी है. इसी बीच सीएम फडणवीस ने ओबीसी के अधिकारों पर अपनी राय रखते हुए कहा कि, "पेश किया हुआ जीआर कहीं भी ओबीसी के अधिकारों पर हमला करने के बारे में नहीं है. हैदराबाद गैजेट जीआर विवाद पर दोनों तरफ से राजनीति हो रही है. हमने इस बात का ध्यान रखा है कि एक भी फर्जी व्यक्ति ओबीसी में शामिल न हो."

'हमारी कोशिश एक भी फर्जी व्यक्ति ओबीसी में शामिल न हो'

सीएम ने कहा, "विजय वडेट्टीवार को बोलने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि ओबीसी समुदाय के लिए जो कुछ भी किया गया है, वह हमारी सरकार ने किया है. 2014 से 2025 तक, ओबीसी समुदाय के कल्याण के लिए जो भी फैसले लिए गए, वे हमारी सरकार में लिए गए. हमने ही ओबीसी समुदाय के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया. हम ही हैं जिन्होंने ओबीसी समुदाय के लिए नई योजनाएँ तैयार कीं. साथ ही उस राजनीतिक आरक्षण को वापस ला रहे हैं, जिसे उद्धव ठाकरे की सरकार ने ओबीसी से छीन लिया है."

'ओबीसी समुदाय को सफल बनाएंगे'

सीएम ने आगे कहा कि, "ओबीसी जानते हैं कि उनके हितों की देखभाल कौन करेगा. ओबीसी समुदाय को सफल बनाने के लिए हम जो करना चाहेंगे, करेंगे"

'विपक्ष बना रहा माहौल'

ओबीसी युवा की आत्महत्या पर सीएम ने कहा, "मुझे लगता है कि दोनों समुदायों के बीच यह खाई तब तक कम नहीं होगी, जब तक दोनों समुदायों के नेता समाज को वास्तविकता से अवगत नहीं कराते, जिनके पास कुनबी रिकॉर्ड है, उन्हें ही प्रमाण पत्र मिलेंगे, जिनके पास रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिलेंगे. ओबीसी समुदाय को चिंता नहीं करनी चाहिए. विपक्ष द्वारा ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि आरक्षण छीन लिया गया है और इससे बच्चों की मानसिकता प्रभावित हो रही है.
 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Bengal Elections 2026: बंगाल में बंपर वोटिंग से बदलेगी सरकार? | Exit Poll Results 2026