महाराष्ट्र निकाय चुनाव में बढ़ी उद्धव और एकनाथ शिंदे की मुसीबत, बागियों को मनाना पड़ रहा है भारी

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में बागियों को मनाना उद्धव ठाकरे से लेकर एकनाथ शिंदे के लिए भारी पड़ रहा है. आज शाम नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन लेकिन दावेदार टस से मस नहीं हो रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे (फाइल फोटो)
मुंबई:

महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बीच गुरुवार शाम करीब 4 घंटे तक लंबी बैठक चली. सूत्रों के अनुसार, इस मैराथन बैठक में आगामी चुनाव के लिए घोषणापत्र, जनसभाओं, रैलियों और चुनाव प्रचार गीतों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई.

शुक्रवार को नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन है, जिसे देखते हुए गठबंधन के भीतर बागियों को शांत करने और स्थानीय स्तर पर समन्वय बिठाने पर विशेष जोर दिया गया.

दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में भी बगावत के सुर तेज हैं. खबर है कि मुंबई नगरपालिका चुनाव के लिए करीब 35 पदाधिकारियों ने टिकट न मिलने से नाराज होकर निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया है.

इन बागियों को मनाने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता मैदान में उतर आए हैं. मंत्री उदय सामंत, सांसद रवींद्र वायकर, राहुल शेवाले, शीतल म्हात्रे और मिलिंद देवरा लगातार इन उम्मीदवारों के संपर्क में हैं और उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए समझा रहे हैं.

बीएमसी चुनाव में बीजेपी 137 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना 90 सीटों पर मैदान में उतरी है. वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना 163 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. राज ठाकरे की एमएनएस 53 सीटों पर मुकाबले में है. उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे और राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे चुनावी घोषणापत्र बनाने में व्यस्त हैं. इसके अलावा रैलियों की रणनीति भी बन रही है. 

एकनाथ शिंदे भी अंतिम समय में अब बागियों को मनाने में जुटे हुए हैं. बीएमसी जैसे चुनाव में बागी कई दलों का खेल बिगाड़ सकते हैं. ऐसे में कोई भी दल को जोखिम मोल नहीं लेना चाह रहा है. 

Advertisement
Featured Video Of The Day
BMC Mayor News: मुंबई मेयर की रेस में BJP की इस महिला नेता का नाम आगे | Bharat Ki Baat Batata Hoon
Topics mentioned in this article