महाराष्ट्र के ठाणे में वन्यजीवों के खिलाफ क्रूरता की एक और डरावनी घटना सामने आई है. मात्र चार दिनों के भीतर बंदर पर हमले का दूसरा मामला सामने आया है, जिससे पशु प्रेमियों और वन विभाग में भारी रोष है. एक 'बोनेट मकाक' Bonnet Macaque प्रजाति के बंदर पर तीर से हमला किया गया. तीर बंदर की गर्दन और जबड़े के आर-पार घुस गया था. 'वाइल्ड लाइफ वेलफेयर एसोसिएशन' ठाणे को स्थानीय नागरिकों से सूचना मिलते ही उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुंची. येऊर रेंज के वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. टीम ने महज 10-15 मिनट में घायल बंदर को सुरक्षित पकड़ने में सफलता हासिल की.
बंदर गंभीर रूप से घायल
इस घटना के पीछे किसी शिकारी द्वारा बंदर को निशाना बनाने का गहरा संदेह व्यक्त किया जा रहा है. वर्तमान में घायल बंदर को ICU में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है. महाराष्ट्र वन विभाग ठाणे रेंज ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है.
ठाणे में फैली सनसनी
इसके चार दिन पहले एक घटना ठाणे के घोडबंदर रोड इलाके की है. यहां संजय गांधी नेशनल पार्क के पास एक बंदर को तीर से बुरी तरह जख्मी हालत में देखा गया। बंदर के पेट के पास से तीर आर-पार निकल चुका था. बेजुबान की यह हालत देखकर स्थानीय लोग भी सन्न रह गए. हेल्पलाइन पर जानकारी मिलने के बाद RAWW Resqink Association for Wildlife Welfare की टीम और वन विभाग के अधिकारी हरकत में आए. बंदर काफी ऊंचाई पर और घने पेड़ों के बीच बैठा था, जिससे उसे पकड़कर इलाज देना रेस्क्यू टीम के लिए बड़ी चुनौती बनी.
खंगाले जा रहे हैं सीसीटीवी फुटेज
वन विभाग उस शिकारी की तलाश में जुट गया है जिसने इस वारदात को अंजाम दिया. इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. इस क्रूरता के बाद वन्यजीव प्रेमियों में भारी गुस्सा है. लोगों का कहना है कि आखिर कोई इतना पत्थर दिल कैसे हो सकता है कि एक बंदर पर तीर चला दे? वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि अपराधी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.













