महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार के पत्र से NCP में हलचल, बड़े नेताओं के फैसलों पर उठे सवाल

महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार के चुनाव आयोग को लिखे पत्र से NCP में सियासी हलचल बढ़ गई है. उन्होंने 28 जनवरी के बाद के सभी पत्राचार को अमान्य मानने की मांग की है. इससे पार्टी के बड़े नेताओं के फैस्ले पर सवाल उठे गए हैं.

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Sunetra Pawar Letter: महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के एक पत्र ने एनसीपी (Nationalist Congress Party) के अंदर सियासी हलचल तेज कर दी है. सुनेत्रा पवार ने चुनाव आयोग (Election Commission of India) को लिखे पत्र में कहा कि 28 जनवरी 2026 के बाद पार्टी की ओर से किए गए किसी भी पत्राचार को वैध न माना जाए.

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के इस कदम को सीधे तौर पर उस अवधि से जोड़कर देखा जा रहा है जब पार्टी के अहम फैसले वरिष्ठ नेताओं सुनील तटकरे और प्रफुल पटेल के नेतृत्व में लिए जा रहे थे. ऐसे में उस दौरान हुई नियुक्तियों, गठबंधन के निर्णयों और चुनाव आयोग को सौंपे गए दस्तावेजों की वैधता पर सवाल खड़े हो सकते हैं.

सुनेत्रा पवार पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष 

दरअसल, पत्र में उल्लेख किया गया है कि 26 फरवरी 2026 को National Sports Club of India, वर्ली (मुंबई) में पार्टी का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हुआ था. इसमें सांसदों, विधायकों और अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया. साथ ही पार्टी संविधान में संशोधन भी सर्वसम्मति से पारित किया गया.  निर्वाचन आयोग को भेजे गए दस्तावेजों में राष्ट्रीय सम्मेलन का विवरण, निर्वाचित सदस्यों की सूची और पार्टी संविधान की प्रति शामिल है.

बड़े नेताओं के वर्चस्व को चुनौती 

इस पत्र के बाद NCP के भीतर शक्ति संतुलन बदलने की चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि यह कदम पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है और बड़े नेताओं के वर्चस्व को चुनौती दे सकता है. ऐसे में महाराष्ट्र में एक बार फिर सियासी संग्राम देखने को मिल सकता है.  

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