मुंबई में दिव्यांग युवती से रेप पर बड़ा खुलासा,17 लोगों के DNA टेस्ट हुए,पिता ही निकला रेपिस्ट

साउथ मुंबई में पिता ही अपनी बेटी के साथ किए दुष्कर्म का आरोपी निकला. पीड़िता 20 साल की है और मानसिक रूप से असमर्थ है, बोल-सुन तक नहीं सकती. पीड़िता की शिकायत पर डीएनए के 17 सैंपल लिए गए जिसके बाद पिता का सारा भेद खुल गया.

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  • साउथ मुंबई में पिता ने मानसिक रूप से असमर्थ 20 वर्षीय बेटी के साथ यौन शोषण किया
  • पीड़िता पांच महीने की गर्भवती पाई गई, जिसके भ्रूण का डीएनए आरोपी पिता से मेल खा गया
  • पुलिस ने BNS की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर 17 से अधिक संदिग्धों के सैंपल लिए थे
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साउथ मुंबई:

साउथ मुंबई इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक पिता ने अपनी 20 साल की बेटी को अपनी हवस का शिकार बना लिया. रेप के आरोप में कफ परेड पुलिस ने 50 वर्षीय पिता को गिरफ्तार कर लिया है. पीड़िता दिव्यांग है और बोल-सुन तक नहीं सकती. जांच में यह भी सामने आया है कि मानसिक रूप से असमर्थ पीड़िता पांच महीने की गर्भवती भी है. डीएनए जांच रिपोर्ट में गर्भ में पल रहे भ्रूण का डीएनए पिता से मैच होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. 

कैसे सामने आया मामला?


पुलिस के मुताबिक यह पूरा मामला पिछले साल सितंबर में सामने आया,जब पीड़िता ने अपनी दादी से पेट में अजीब परेशानी की शिकायत की। उसने इशारों में बताया कि ऐसा लग रहा है कि उसके पेट में कीड़े चल रहे हैं. इसके बाद उसे कामा अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहां मेडिकल जांच में पता चला कि वह करीब पांच महीने की गर्भवती है.अस्पताल प्रशासन ने तुरंत कफ परेड पुलिस को इसकी सूचना दी.

पिता ने शुरू में शिकायत से किया इनकार


शुरुआत में पीड़िता अपनी स्थिति के कारण बयान देने में सक्षम नहीं थी. उसके पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी बचपन से ही मानसिक रूप से असमर्थ है और किसी भी तरह के यौन शोषण की बात से इनकार कर दिया. उसने खुद भी शिकायत दर्ज कराने से मना कर दिया. हालांकि, पुलिस स्टेशन में आगे की पूछताछ और काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने पर सहमति दी है.

कई धाराओं में FIR, 17 से ज्यादा लोगों के सैंपल


पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया.इसमें ऐसी महिला के साथ दुष्कर्म,जो सहमति देने में सक्षम नहीं है और मानसिक व शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति के यौन शोषण जैसी धाराएं शामिल की गईं. पुलिस के मुताबिक यह अपराध 21 मार्च से 21 सितंबर 2025 के बीच हुआ और FIR 22 सितंबर 2025 को दर्ज की गई. जांच के दौरान सामने आए नामों के आधार पर पुलिस ने 17 से ज्यादा संदिग्धों के खून के नमूने लिए और उन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा. भ्रूण का सैंपल भी डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया था.

डीएनए रिपोर्ट ने खोला राज


27 जनवरी 2026 को फॉरेंसिक लैब से आई रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ. रिपोर्ट में साफ हुआ कि भ्रूण का डीएनए पीड़िता के पिता से मेल खाता है. इसके बाद पुलिस ने आरोपी को तलब कर पूछताछ की, जहां सबूतों के आधार पर उसकी संलिप्तता साबित हुई. गंभीर अपराध और लंबी सजा की आशंका को देखते हुए पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां


इस मामले में इससे पहले एक 34 वर्षीय शादीशुदा व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा चुका है,जबकि एक 17 साल के नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया था. पुलिस का कहना है कि अभी कई अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है.

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