मुंबई बीएमसी चुनाव में अभी भले ही मेयर पद को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ हो और बीजेपी, शिवसेना शिंदे के अलावा विपक्षी गठबंधन शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट-मनसे के बीच रस्साकशी चल रही हो, लेकिन कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में खेला हो गया है. यहां मेयर की कुर्सी के लिए शिवसेना शिंदे के राज ठाकरे की मनसे से हाथ मिलाने की खबर है. कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका KDMC के हालिया चुनाव नतीजों के बाद ये नई राजनीतिक गठजोड़ हो रहा है. चर्चा है कि BJP को सत्ता से दूर रखने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और राज ठाकरे की MNS के बीच गठबंधन की खिचड़ी पक गई है.
इसी सिलसिले में शिवसेना नेता श्रीकांत शिंदे और सांसद नरेश म्हस्के ने नवी मुंबई के कोंकण भवन का दौरा किया, जहां उनके साथ MNS नेता राजू पाटिल की मौजूदगी ने इन अटकलों को और हवा दे दी है.महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने संगठन स्तर पर बड़ा निर्णय लेते हुए प्रल्हाद म्हात्रे को कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) में पार्टी का नया गुटनेता नियुक्त किया है. केडीएमसी में मनसे के कुल 5 नगरसेवक चुनकर आए हैं और अब म्हात्रे यहाँ पार्टी का नेतृत्व करेंगे.शिंदे सेना के सांसद नरेश म्हस्के ने गठबंधन की संभावनाओं पर संकेत देते हुए कहा कि MNS कोई AIMIM नहीं है, इसलिए उनके साथ आने में कोई हर्ज नहीं होना चाहिए.
कल्याण डोंबिवली में शिवसेना (53) और भाजपा (50) ने मिलकर कुल 103 सीटें जीती हैं, जो बहुमत के आंकड़े (62) से काफी ज्यादा है. लेकिन महायुति को बहुमत मिलने के बाद अब शिवसेना और भाजपा के बीच महापौर पद को लेकर खींचतान शुरू हो गई है.मेयर की लड़ाई में शिंदे को MNS की मदद लेनी पड़ रही है.
शिवसेना शिंदे गुट के सांसद नरेश म्हस्के से इस बारे में सवाल जवाब किया गया.
सवाल: कल्याण-डोंबिवली में मनसे को आपने साथ लिया है, क्या कहेंगे किस प्रकार से सत्ता स्थापित कर रहे हैं?
नरेश म्हस्के: यहाँ शिवसेना-भाजपा महायुति के रूप में हमने कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका का चुनाव लड़ा है और सत्ता में भी शिवसेना-भाजपा महायुति के रूप में ही हम बैठने वाले हैं.
सवाल: मतलब भाजपा को आप साइड में रख रहे हैं या साथ ले रहे हैं?
नरेश म्हस्के: शिवसेना-भाजपा महायुति के रूप में चुनाव लड़े, सत्ता में भी शिवसेना-भाजपा महायुति के रूप में ही सत्ता में आएंगे.
सवाल: सर, ठाकरे गुट के चार नगरसेवक आपके संपर्क में हैं?
नरेश म्हस्के: नहीं, मुझे इसकी जानकारी नहीं है
सवाल: मनसे को साथ क्यों लिया या उसकी जरूरत क्या पड़ी?
नरेश म्हस्के: यदि विकास के लिए सब साथ आ रहे हैं तो हम उनका स्वागत ही करेंगे. हमारे साथ आए तो मनसे कोई एआईएमआईएम नहीं है कि उन्हें हम किनारे कर दें. इसलिए मनसे यदि विकास के लिए साथ आती है - कुछ शहर स्तर की राजनीति होती है, शहर स्तर के विकास की राजनीति होती है, उसमें यदि वे साथ आ रहे हैं तो निश्चित ही स्वागत करेंगे.
सवाल: ठाकरे गुट के जो नगरसेवक हैं उन पर आपकी नजर है?
नरेश म्हस्के: नजर? नए आए हुए नगरसेवकों पर सभी का ध्यान होता है, वैसे ही हमारा भी ध्यान है.














