कार का राज खुला तो प्रॉपर्टी डीलरों की खूनी कहानी आई सामने, न सुपारी देने वाला बचा और न जिसकी दी सुपारी

मुंबई-पुणे एक्‍सप्रेस वे (Mumbai-Pune Expressway) पर मिली कार की गुत्‍थी पुलिस ने सुलझा ली है. नवी मुंबई क्राइम ब्रांच (Navi Mumbai Crime Branch) के मुताबिक, दो प्रॉपर्टी डीलरों के बीच की खूनी जंग में दोनों की ही मौत हो गई. न सुपारी देने वाला बचा और न जिसकी सुपारी दी गई.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
मुंबई:

महाराष्‍ट्र (Maharashtra) के नवी मुंबई में दो प्रॉपर्टी डीलरों (Property Dealer) की एक ऐसी खूनी कहानी सामने आई है, जिसके बाद लालच और ब्‍लैकमेल की दुनिया का सच सबके सामने आ गया है. यह हकीकत है, लेकिन लगता बिलकुल कोई फिल्‍मी अफसाना है. इस मामले का खुलासा हुआ तो पता चला कि न शिकार रहा और न ही शिकारी ही मौत से बचा. पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को पकड़ा है, जिन्‍होंने बताया कि एक शख्‍स ने दूसरे की हत्‍या के लिए 50 लाख रुपये की सुपारी दी थी, लेकिन अब दोनों ही नहीं रहे. 

मुंबई पुणे एक्सप्रेस वे पर 23 अगस्त को मिली एक कार ने सनसनी फैला दी थी. कार के शीशे पर गोली चलने के निशान थे. कार में बंदूक की दो गोलियां भी मिलीं, लेकिन उसमें सवार कोई शख्‍स नहीं मिला. पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि कार में सवार आमिर खानजादा और सुमित जैन दोनों नेरुल के रहने वाले हैं और 21 अगस्त की रात से लापता थे. कार मिलने के बाद नवी मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच आगे बढ़ी तो जो पता चला वो और भी हैरान करने वाला था. 

नवी मुंबई क्राइम ब्रांच के एडिशनल सीपी दीपक साकोरे ने कहा कि सबसे पहले हमने एक संदिग्ध विट्ठल नाकाडे को उठाया था, जो सुमित का दोस्‍त था. उससे पूछताछ में पूरी कहानी सामने आई कि पूरी प्‍लानिंग एक-दो दिन में सुमित जैन और विठ्ठल नाकाडे ने की थी और 50 लाख रुपये की सुपारी दी थी. 

नाकाडे के साथियों की गिरफ्तारी से खुला राज 

पुलिस के मुताबिक, सुमित जैन और आमिर खानजादा दोनों ही प्रॉपर्टी डीलर थे. हाल ही में सुमित ने फर्जीवाड़ा कर एक जमीन हड़प ली थी. आमिर उसमें हिस्सा पाने के लिए ब्लैकमेल कर रहा था, इसलिए सुमित ने आमिर को मारने के लिए सुपारी दी थी. हालांकि पुलिस उस वक्‍त हैरान रह गई जब उसे आमिर की जगह सुमित जैन का ही शव मिला. 

पुलिस के सामने बड़ा सवाल था कि फिर आमिर कहां है और सुमित को किसने मारा? असली राज तब खुला जब पुलिस ने विट्ठल नाकाडे के बाद एक-एक कर उसके सभी साथियों को गिरफ्तार कर लिया. 

ज्‍यादा खून बह जाने से सुमित की मौत : साकोरे 

साकोरे ने बताया कि 21 अगस्‍त की रात को दोनों आरोपी गाड़ी में साथ थे. दोनों ने आमिर को गोली मारी और उसका शव फेंककर वापस कार में आ गए. तब सुमित ने प्लानिंग के तहत अपने पैर पर गोली चलवाई. उसी दौरान आरोपियों और सुमित जैन का झगड़ा भी हुआ. ज्यादा खून बह जाने से सुमित की मौत हो गई तो उसका शव भी फेंक दिया गया. 

धोखे से कमाई गई रकम में हिस्सा देने से बचने के लिए सुमित ने अपने मित्र आमिर की सुपारी दी थी, लेकिन वो खुद भी नहीं बच पाया. मतलब शिकारी खुद शिकार हो गया. 

Advertisement

ये भी पढ़ें :

* पूजा खेडकर की अभी नहीं होगी गिरफ्तारी, कोर्ट ने इस दिन तक बढ़ाया संरक्षण
* महाराष्ट्र : छात्राओं को मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो दिखाने के आरोप में शिक्षक गिरफ्तार
* सामने से आ रही मालगाड़ी, सोचा फटाफट पार कर लूंगी पटरी, मगर बुरी तरह हुई घायल, देखें CCTV फुटेज

Featured Video Of The Day
NDTV Powerplay BMC polls 2026 में Marathi VS Non Marathi पर छिड़ गई तीखी बहस | BMC Elections 2026