Mumbai Bulldozer Action Video: मुंबई में बुलडोजर एक्शन, बांद्रा ईस्ट के ये 500 अवैध निर्माण ध्वस्त, पूरा मामला जानें

Mumbai Bulldozer Action: रेलवे प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर वहां के लोगों को पहले ही आधिकारिक नोटिस दे दिया था. बता दें कि रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे का यह संवेदनशील मामला कानूनी प्रक्रियाओं के चलते साल 2017 से कोर्ट में लंबित था, जिस पर अब फैसला आया है.

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मुंबई में बड़ा बुलडोजर एक्शन
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  • मुंबई के पश्चिम रेलवे ने बांद्रा पूर्व में रेलवे की जमीन पर अवैध निर्माणों को हटाने के लिए अभियान चलाया
  • यह अभियान बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर नागरिक प्रशासन, पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय में चलाया गया
  • 2017 से कोर्ट में लंबित अतिक्रमण मामले में हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि वैध ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचे
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मुंबई:

मुंबई के पश्चिम रेलवे ने बांद्रा (पूर्व) के गरीब नगर में रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है. यह अभियान नागरिक प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से चलाया जा रहा है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे. बता दें कि तोड़फोड़ की .ये कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर शुरू की गई है. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है. जानकरी के मुताबिक करीब 500 अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया जा रहा है.

रेलवे प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर वहां के लोगों को पहले ही आधिकारिक नोटिस दे दिया था. बता दें कि रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे का यह संवेदनशील मामला कानूनी प्रक्रियाओं के चलते साल 2017 से कोर्ट में लंबित था, जिस पर अब फैसला आया है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने आदेश में विशेष रूप से साफ किया है कि इस कार्रवाई के दौरान किसी भी वैध या कानूनी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.

बता दें कि ये एक्शन अचानक नहीं लिया गया है. सार्वजनिक परिसर अधिनियम के तहत कार्रवाई 2017 से पहले शुरू की गई थी और बेदखली के आदेश पारित किए गए थे. करीब 9 सालों तक मामले की गहन न्यायिक जांच की गई, जिसमें बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही भी शामिल है. बता दें कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने 29 अप्रैल 2026 के अपने नए आदेश में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा. अदालत ने भी वैध या कानूनी ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हुए अतिक्रमण हटाने की अनुमति दी.

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पश्चिमी रेलवे अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए ये कार्रवाई कर रहा है. संयुक्त सर्वेक्षण प्रक्रिया के जरिए चिन्हित ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जा रहा है. यह कार्रवाई मुख्य रूप से एक्टिव रेलवे ट्रैक के पास स्थित रेलवे सुरक्षा क्षेत्र में की जा रही है, जहां गैरकानूनी तरीके से बसावट से न सिर्फ जान का जोखिम बना हुआ है बल्कि ट्रेन संचालन के लिए गंभीर जोखिम बना हुआ है. 

अतिक्रमण हटाया जाना मुंबई के रेलवे क्षेत्र में रेल क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी है. अतिक्रमण हटाए जाना इसलिए भी बहुत ही जरूरी है, ताकि  रेलवे सुरक्षा, परिचालन सुगमता और भविष्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार, जिसमें अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं भी शामिल हैं, किया जा सके. अतिक्रम हटने से देश के सबसे बिजी स्त रेल गलियारों में से एक पर यात्री क्षमता बढ़ जाएगी. इससे पूरे देश में यात्रियों के लिए अतिरिक्त लंबी दूरी की ट्रेन सेवाएं शुरू करने में सुविधा मिलेगी.
 

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