- मुंबई के जुहू में 1 फरवरी की रात रोहित शेट्टी के घर के बाहर एक हमलावर ने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया
- निजी सुरक्षा गार्ड स्वप्निल सालुंके ने CCTV पर हमलावर को पिस्टल से 5 से 6 गोलियां चलाते हुए देखा था
- फायरिंग के समय रोहित शेट्टी अपने घर की 10वीं मंजिल पर मौजूद थे, उनको कोई नुकसान नहीं पहुंचा है
मुंबई के जुहू इलाके में निर्देशक-निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर 1 फरवरी की रात क्या हुआ था, हमलावरों कैसे पहुंचे और कैसे फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया, घटना के समय वहां का मंजर कैसा था, हर एक बात FIR प्रत्यक्षदर्शी के बयान से सामने आ गई है. रोहित शेट्टी के पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड ने उस रात की कहानी खुद बयां की है. FIR के मुताबिक, 1 फरवरी 2026 की रात करीब 12:45 बजे शेट्टी टावर की लॉबी में मौजूद निजी सुरक्षा गार्ड स्वप्निल विजय सालुंके ने CCTV स्क्रीन पर एक अनजान शख्स को बिल्डिंग की दिशा में पिस्टल जैसे हथियार से फायरिंग करते हुए देखा था. वहीं क्राइम ब्रांच ने भी कई खुलासे किए हैं.
मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक गिरफ्तार 4 आरोपियों में से दो आरोपी पुणे से स्कूटी मुंबई लेकर आए और मुंबई के जुहू इलाके में एक जगह पर छोड़कर चले गए, जिसके बाद शूटर उस बताई हुए जगह पर पहुंचा और स्कूटी को अपने कब्जे में ले लिया. गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि घटना से 10 दिन पहले ही उसे स्कूटी लाकर दी गई थी. गिरफ्तार 4 आरोपियों में एक आरोपी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा शुभम लोनकर के संपर्क में था और लोनकर उसे गाइड कर रहा था.
हमलावर ने की 5 से 6 राउंड फायरिंग
स्वप्निल सालुंके के अनुसार, उन्हें लगातार 5 से 6 राउंड फायरिंग की आवाज सुनाई दी. जिसके बाद वे अपने साथी बॉडीगार्ड वाहिद मलिक और गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी सत्यम पाठक के साथ तुरंत बाहर पहुंचे. बाहर देखने पर वही अनजान हमलावर पुष्पा पार्क की दिशा में तेज़ी से भागता हुआ दिखाई दिया.
घटना के तुरंत बाद सालुंके ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी आशिष राणे को फोन कर पूरी जानकारी दी. सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी गेट पर पहुंचे और स्थानीय पुलिस से मदद मांगी गई. कुछ ही देर में जुहू पुलिस स्टेशन के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए. इसके बाद सालुंके पुलिस के साथ जुहू पुलिस थाने पहुंचे और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई.
फायरिंग के वक्त घर की 10वीं मंजिल पर थे रोहित शेट्टी
काले रंग की जैकेट और सफेद पैंट पहने हमलावर ने शेट्टी टावर के सामने कंपाउंड वॉल के पास, रोड नंबर 10 की ओर खड़े होकर पिस्टल से पांच गोलियां चलाईं. गनीमत ये रही कि उस वक्त रोहित शेट्टी अपने घर की ऊपरी मंज़िल पर मौजूद थे. शिकायतकर्ता स्वप्निल सालुंके ने बताया कि वह पिछले छह साल से रोहित शेट्टी के निजी बॉडीगार्ड के तौर पर काम कर रहे हैं और पिछले तीन साल से अपने परिवार के साथ कल्याण ईस्ट में रह रहे हैं.
फायरिंग मामले में चार आरोपी गिरफ्तार
उन्होंने यह भी बताया कि रात की शिफ्ट में उनके साथ बॉडीगार्ड वाहिद असलम मलिक ड्यूटी पर थे, जबकि दिन में किरण आमिन सुरक्षा संभालते हैं. इसके अलावा पुलिसकर्मी आशिष राणे और सचिन राणे भी निजी सुरक्षा में तैनात रहते हैं. जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में पुणे से जुड़े चार युवकों, समर्थ शिवशरण पोमाजी, सिद्धार्थ दीपक येनपुरे, आदित्य ज्ञानेश्वर गायकी और अन्य को हिरासत में लिया है. पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों ने मुख्य शूटर को स्कूटर मुहैया कराया और वारदात को अंजाम देने में दूसरी तरह की मदद की. इसी आधार पर केस में भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धाराएं बढ़ाई गई हैं.













