मुंबई: शिपिंग और लॉजिस्टिक्स में बड़ा घोटाला, 325 करोड़ रुपये से ज्यादा का मामला

आरोप है कि Leela Mombasa को 1 अगस्त 2025 को न्हावा शेवा (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट) पहुंचना था, लेकिन यह 13 अगस्त को डॉक हुई और जिबूती जाने की बजाय ओमान भेज दी गई. इस जहाज पर करीब 130 करोड़ रुपये का कार्गो था.

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मुंबई में शिपिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर से जुड़ा एक बड़ा कथित कॉरपोरेट घोटाला सामने आया है, जिसकी रकम करीब 325 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है. यह शिकायत रुशभ सीलिंक एंड लॉजिस्टिक्स प्रा. लि. के डायरेक्टर विशाल मेहता ने दर्ज कराई है. शिकायत मिलते ही मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.

सूत्रों के मुताबिक, मेहता ने अपनी शिकायत में कई बड़ी कंपनियों और उनके प्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इनमें ALX Shipping Agencies India Pvt. Ltd. (जो ऑलकॉर्गो लॉजिस्टिक्स लिमिटेड की सहायक कंपनी है), दुबई स्थित Aladdin Express DMCC और OEL Express India Pvt. Ltd. शामिल हैं.

निवेश के नाम पर धोखाधड़ी

शिकायत में कहा गया है कि इन कंपनियों ने जहाज संचालन में निवेश करने का ऑफर दिया और भरोसा दिलाया कि इसमें निश्चित मुनाफा मिलेगा. शुरुआत में सबकुछ सामान्य दिखा और लेन-देन सही तरीके से हुआ, लेकिन धीरे-धीरे नए डील्स और कॉन्ट्रैक्ट्स के नाम पर करोड़ों रुपये हड़प लिए गए.

जहाजों से जुड़ा सबसे बड़ा घोटाला

सबसे बड़ा विवाद Leela Mombasa और XXH-2 नामक जहाजों से जुड़ा है. आरोप है कि Leela Mombasa को 1 अगस्त 2025 को न्हावा शेवा (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट) पहुंचना था, लेकिन यह 13 अगस्त को डॉक हुई और जिबूती जाने की बजाय ओमान भेज दी गई. इस जहाज पर करीब 130 करोड़ रुपये का कार्गो था.

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इसी दौरान, 26 अगस्त को विशाल मेहता से कथित तौर पर 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर की जबरन वसूली की गई. कहा गया कि जहाज को आगे भेजने के लिए कंपनी के पास पैसे नहीं हैं. मेहता का आरोप है कि भुगतान के बावजूद जहाज समय पर नहीं पहुंचे. Leela Mombasa 15 सितंबर को जिबूती पहुंची, जबकि XXH-2 को जेद्दा से कराची डायवर्ट कर 10 दिन तक रोक कर रखा गया.

बाउंस हुए सुरक्षा चेक

मेहता ने आरोप लगाया है कि ALX Shipping Agencies India Pvt. Ltd. और OEL Express India Pvt. Ltd. ने उन्हें सुरक्षा चेक दिए थे, लेकिन दोनों चेक बाउंस हो गए. एक चेक पैसे की कमी की वजह से और दूसरा सिग्नेचर मिसमैच होने के कारण. नतीजतन करीब 290 करोड़ रुपये से ज्यादा का कार्गो अब भी इन कंपनियों के कब्जे में फंसा हुआ है और निर्यातक भारी नुकसान उठा रहे हैं.

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इंडस्ट्री की साख पर सवाल

एनडीटीवी से बात करते हुए मेहता ने कहा, “यह सिर्फ हमारी कंपनी का मामला नहीं है, बल्कि भारत की पूरी शिपिंग और लॉजिस्टिक्स इंडस्ट्री की साख दांव पर है.” उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले की जांच में कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और स्टेकहोल्डर्स के नाम सामने आ रहे हैं, जिसमें ऑलकॉर्गो लॉजिस्टिक्स, हचिसन पोर्ट और विकस खान जैसे लोग भी जुड़े हैं.

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