Eknath Khadse Land Fraud Case: एनसीपी (शरद पवार गुट) के बड़े नेता एकनाथ खडसे और उनकी बेटी शारदा खडसे की मुश्किलें बढ़ गई हैं. जमीन धोखाधड़ी और एट्रोसिटी मामले में खडसे और उनकी बेटी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. आरोप है कि जिस “महार वतन” की जमीन की कीमत करोड़ों में है, उसे खडसे परिवार ने महज 51 हजार रुपये के मामूली भुगतान पर अपने नाम करवा लिया.
दरअसल, पुणे के भोसरी जमीन घोटाले के बाद अब जलगांव के मानपुर जमीन मामले में एकनाथ खडसे और उनकी बेटी शारदा खडसे के खिलाफ धोखाधड़ी और एट्रोसिटी SC-ST Act का मामला दर्ज किया गया है. FIR बोदवड पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई है. मामला भुसावल तालुका के मानपुर शिवारा का है. आरोप है कि साल 2002 में एकनाथ खडसे ने चीनी मिल बनाने के नाम पर कुछ जमीनें खरीदी थीं. इसमें गट नंबर 122 की जमीन “महार वतन” की थी, जिसकी मालकिन चमेलाबाई तुकाराम तायडे और उनके वारिस थे.
51 हजार रुपये देकर लगवाया अंगूठा
आरोप के मुताबिक, खडसे ने परिवार को अच्छा मुआवजा और चीनी मिल में नौकरी देने का वादा किया था. केवल 51 हजार रुपये एडवांस देकर और अंगूठे के निशान लेकर बोदवड रजिस्ट्रार ऑफिस में जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई, लेकिन बाद में न तो पूरा पैसा दिया गया और न ही वहां कोई फैक्ट्री बनी.
बुजुर्ग महिला ने की थी शिकायत
शिकायतकर्ता बुजुर्ग महिला चमेलाबाई तायडे का आरोप है कि एकनाथ खडसे ने उनके साथ धोखाधड़ी करते हुए वह जमीन अपनी बेटी शारदा खडसे के नाम कर दी. न्याय न मिलने पर पीड़ित परिवार ने शिकायत जिलाधिकारी से की, जिसके बाद हुई जांच में जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी की बात सामने आई है. महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री ने भी इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं.
एकनाथ खडसे ने आरोपों को किया खारिज
एकनाथ खडसे ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. खडसे का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई है. उनका दावा है कि जमीन पूरी तरह से ‘क्लास-1' की थी और उनकी बेटी ने इसे इथेनॉल प्रोजेक्ट के लिए नियमानुसार खरीदा है. उन्होंने कहा कि इस लेनदेन से उनका सीधा संबंध नहीं है. वे इस FIR के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.
भाजपा छोड़कर एनसीपी में गए थे सड़से
बता दें कि खडसे चार दशक तक महाराष्ट्र भाजपा बड़े नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष रहे हैं. साल 2020 में वे भाजपा छोड़कर शरद पवार की NCP में शामिल हो गए थे. वर्तमान में वे NCP (शरदचंद्र पवार) गुट के प्रमुख नेता हैं.
महार वतन कैसी जमीन, जिस पर विवाद ?
“महार वतन” जमीनें वे हैं जो दलित समुदाय को ऐतिहासिक रूप से सरकारी सेवा के बदले दी गई थीं. इन जमीनों को खरीदने के लिए सरकार की अनुमति अनिवार्य होती है और ये जमीनें सामान्यतः ट्रांसफरेबल नहीं होतीं, जब तक कि विशेष अनुमति न मिले.














