जीत गए तो दे दूंगा बुलेट... महाराष्ट्र में दो दोस्तों ने क्यों लगाई ये बाजी, जानें

मच्छिंद्र करणावर ने मोहिते पाटिल (राष्ट्रवादी शरद पवार गुट का प्रतीक 'तुतारी') की जीत का दावा किया है. वहीं, दादा तरंगे ने भाजपा (प्रतीक 'कमल') की जीत का दावा किया है.

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  • महाराष्ट्र के पंढरपुर के अकलूज नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव के नतीजे पर 2 कार्यकर्ताओं ने बुलेट की शर्त लगाई
  • यह शर्त राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और बीजेपी की उम्मीदवारों के बीच की हार-जीत को लेकर लगाई
  • ये चुनावी शर्त मच्छिंद्र करणावर और दादा तरंगे नामक दो दोस्तों ने लगाई है
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महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के बीच, पंढरपुर के अकलूज नगर पालिका के नगराध्यक्ष पद के नतीजे पर दो कार्यकर्ताओं के बीच सीधे “रॉयल एनफील्ड बुलेट” मोटरसाइकिल की शर्त लग गई है. यह दांव राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की उम्मीदवार रेशमा अडगले और भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार पूजा कोथमिरे की हार-जीत को लेकर लगा है.

दो दोस्तों में बुलेट की शर्त

चुनाव के नतीजे 21 दिसंबर को घोषित होने वाले हैं, जिससे यह शर्त अकलूज के नतीजों को लेकर उत्सुकता को और बढ़ा रही है. अकलूज के दो स्थानीय कार्यकर्ता, मच्छिंद्र करणावर और दादा तरंगे, ने आपस में एक दोस्ताना शर्त लगाई है. शर्त यह है कि अकलूज में नगराध्यक्ष की सीट जिस पार्टी के खाते में जाएगी, वह जीतेगा और दूसरा कार्यकर्ता उसे बुलेट मोटरसाइकिल देगा.

शर्त लगाने वाले कौन

मच्छिंद्र करणावर और दादा तरंगे नामक दो दोस्तों ने यह दोस्ताना शर्त लगाई है. मच्छिंद्र करणावर ने मोहिते पाटिल (राष्ट्रवादी शरद पवार गुट का प्रतीक 'तुतारी') की जीत का दावा किया है. वहीं, दादा तरंगे ने भाजपा (प्रतीक 'कमल') की जीत का दावा किया है. महाराष्ट्र के पंढरपुर में अकलूज नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम 21 दिसंबर तक टलने के बाद अब यहां की चुनावी जंग और भी दिलचस्प हो गई है.

दूसरी बार बुलेट की बाजी

यह दूसरी बार है जब इस क्षेत्र में भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के बीच बुलेट पर दांव लगा है. दोनों ही शर्त लगाने वालों को अपनी-अपनी पार्टी की जीत का पूरा भरोसा है.

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