- वसई में एक विवाह समारोह के दौरान दहेज विवाद के कारण दूल्हा-दुल्हन पक्ष के बीच हिंसक झड़प हुई
- झड़प में चार से पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है
- पीड़ित पक्ष का आरोप है कि करीब पंद्रह से बीस लोगों की भीड़ ने उन पर हमला किया था
Fight For Dowry: मुंबई (Mumbai) से सटे वसई इलाके में एक विवाह समारोह उस वक्त जंग के मैदान में तब्दील हो गया. हालत इतनी बिगड़ी कि मंगल गीतों की जगह, चीख पुकार मच गई. दरअसल, दहेज के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि दूल्हा और दुल्हन पक्ष के लोग सरेआम एक-दूसरे पर टूट पड़े. यह शर्मनाक घटना वसई पश्चिम के स्वातंत्र्यवीर सावरकर खेल परिसर में घटी.
जानकारी के मुताबिक, जब शादी की रस्में पूरे उत्साह के साथ निभाई जा रही थी, तभी दहेज और उपहारों के लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते बात मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दी गई और गाली गलौज का सिलसिला शुरू हो गया. विवाद ने इतना उग्र रूप ले लिया कि दोनों ओर से लोग लात-घूंसे चलने लगे. समारोह स्थल पर मौजूद मेहमानों के बीच अफरा-तफरी मच गई और शादी का मंडप अखाड़ा बन गया.
मारपीट में कई घायल पहुंचे अस्पताल
इस हिंसक झड़प में करीब 4 से 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों की हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि करीब 15 से 20 लोगों की उग्र भीड़ ने उन पर अचानक हमला कर दिया था. हमले के दौरान न केवल शारीरिक चोटें पहुंचाई गई, बल्कि जान से मारने की धमकियां भी दी गई.
पुलिस ने कसा कानूनी शिकंजा
घटना की गंभीरता को देखते हुए माणिकपुर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया. पुलिस ने पीड़ित पक्ष के बयानों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब समारोह स्थल पर लगे CCTV फुटेज को खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान हो सके. इसके अलावा,मौके पर मौजूद चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. साथ ही दहेज की मांग को लेकर कानूनी पहलुओं की भी जांच की जा रही है.
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एक तरफ जहां समाज आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है. वहीं, दहेज जैसी कुरीति के कारण इस तरह की हिंसक घटनाएं चिंता का विषय हैं. वसई की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि दहेज न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह हंसते खेलते परिवारों को बर्बाद करने का कारण भी बन सकता है. स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को हाथ में न लेने की अपील की है.
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